मेडिसिन विभाग में पदस्थ असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. देवेंद्र अहिरवार के खिलाफ इसी मामले को लेकर जांच भी चल रही है।
सागर. बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में एनपीए लेने वाले डॉक्टरों द्वारा प्राइवेट प्रैक्टिस करने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। मेडिसिन विभाग में पदस्थ असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. देवेंद्र अहिरवार के खिलाफ इसी मामले को लेकर जांच भी चल रही है। गुरुवार को गायनी विभाग में पदस्थ डॉ. शीला जैन के खिलाफ भी शिकायत डीन को मिली है। इंडियन यूथ कांग्रेस ने दोपहर २ बजे डॉ. जैन की शिकायत डीन डॉ. जीएस पटेल से की। अमित शुक्ला, गोलू लोधी सहित अन्य ने बताया कि डॉ. जैन वर्ष २०१० में बीएमसी में पदस्थ हुई थीं। तभी से वे एनपीए ले रही हैं। लेकिन बालक कॉम्प्लेक्स में प्राइवेट प्रैक्टिस भी कर रही हैं। उन्होंने बताया कि डफरिन में भर्ती एक प्रसूता का उपचार क्लीनिक में डॉ. जैन कर रही हैं। उनके द्वारा इस तरह के मरीजों को डफरिन में भर्ती कराया जाता है। यूथ कांग्रेस ने डॉ. जैन से रिकवरी और उनके विरुद्ध मामला दर्ज कराने की मांग की है।
२८ शिक्षकों को मिलेगा क्रमोन्नति वेतनमान, जिला शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश
सागर. जिला शिक्षा विभाग ने ३० वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण करने वाले जिले के २८ प्रधान-अध्यापक, शिक्षक, व्याख्याताओं के तृतीय क्रमोन्नति वेतनमान देने का आदेश जारी किया है। इनमें से आधे शिक्षक रिटायर्ड हो चुके हैं। इनमें बलदेव प्रसाद राय, हरिसिंह आठिया, सत्येंद्र समैया, रंजोर सिंह, स्वामी, सिंह, भगवानदास रोहितास, रामस्वरूप मिश्रा, काशीराम आठिया, कमलेश शरण ताम्रकार, भवानी प्रसाद परिहार, संध्या पांडेय, कृपासागर विश्वकर्मा, मि_ूलाल राय, बालकृष्ण रजक, कोमल सिंह कुर्मी, किशन लाल छत्रपाल, रामशंकर पाठक, मनोहरलाल चौरसिया, ओमप्रकाश चौबे, मीना सर्वटे, भागीरथ अहिरवार, प्रतापभानु कुशवाहा, माखनलाल अहिरवार, मुनब्बर खान, उदयभान सिंह , अनरत सिंह ठाकुर, गोविंद प्रसाद नेमा शामिल हैं। १ जुलाई २०१४ या उससे आगे के वर्षो में ३० साल की सेवा अवधि वाले शिक्षकों को क्रमोन्नति वेतनमान का लाभ दिया जाएगा। गुरुवार देर शाम जिला शिक्षा अधिकारी ने इसके आदेश जारी किए।