
सागर. वल्लभनगर वार्ड में बारहमासी कुएं का पानी लोग सिर्फ इसलिए उपयोग नहीं करते थे, क्योंकि दो साल पहले कुएं में डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई थी। लेकिन अब मंत्रोच्चार के साथ कुएं का शुद्धिकरण कर दिया गया है और रहवासी पहले की तरह पानी का इस्तेमाल करने लगे हैं।
वार्ड के तेजराम गली में स्थित इस कुएं को लेकर लोगों में अंधविश्वास भारी था। जब इसकी जानकारी विचार संस्था के सदस्यों को लगी तो उन्होंने सकारात्मक पहल करते हुए कुएं का शुद्धिकरण कराया। संस्था के अध्यक्ष कपिल मलैया ने बताया कि मोहल्ले में पेयजल का इतना बड़ा स्रोत होने के बाद भी लोग कुएं के पानी को उपयोग में नहीं लाते थे। यहां तक कि गर्मियों में तो टैंकर से पानी बुलाना पड़ता था। जब संस्था को इसकी जानकारी मिली तो हमने कुएं के चारों ओर सफाई कराई और पांच पंडितों से पास ही में स्थित शिव मंदिर में पूजा-अर्चना कराई। कार्यक्रम के तहत पंडितों ने मंत्रोच्चार के साथ चार धाम की पांच नदियों के २०० लीटर जल से भगवान का अभिषेक किया। फिर यही पानी कुएं में डाला गया। अब वार्ड के लोग कुएं के पानी का इस्तेमाल करने लगे हैं।
चार दिन नल नहीं आने पर लगी भीड़
राजघाट लाइन में खराबी आने के बाद शहर में चार दिन पेयजल सप्लाई बाधित रही। लोगों के घरों में जब पानी नहीं पहुंचा तो शुद्धिकरण के बाद कुएं से पानी भरने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी।
संस्था की पहल सराहनीय
अंधविश्वास को दूर करने की दिशा में विचार संस्था ने जो पहल की है वह सराहनीय है। इस तरह के कारण अभी समाज में है जिन्हें दूर करना जरूरी है। उन्हें खोज कर लोगों को जागरूक किया जाए को कई सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। लोगों ने कहा कि अब इस कुएं का पानी जन उपयोग में फिर से लाया जा सकेगा।