
Ravi Lakhera Sagar Liquor Tragedy- जहरीली शराब कांड का मुख्य आरोपी रवि लखेरा कभी दो वक्त की रोटी के लिए पिता के साथ गांव-गांव जाकर चूड़ियां बेचा करता था। महज 15 साल की उम्र में अवैध शराब का पहला केस दर्ज हुआ। इसके बाद इसी धंधे में उतर गया। छतरपुर जिला मुख्यालय से लगे महेबा गांव के रवि (45) का बचपन तंगहाली में बीता। पिता सुरेश लखेरा के 3 बेटों में से एक रवि बचपन में श्रृंगार का सामान बेचने के लिए पिता का हाथ बंटाता था। रातों-रात अमीर बनने की हवस में अवैध शराब की तस्करी में उतरा। यूपी से एमपी तक अवैध शराब की तस्करी के साथ सरकारी ठेके लेने लगा। बेहिसाब संपत्ति जुटाई। महंगी कारें, मोबाइल के शौकीन रवि ने ललितपुर की गंगापुरम में 50 गुणा 100 यानी 5000 वर्ग फीट पर आलीशान घर बनाया।
बंडा में जहरीली शराब से हुई 37 मौतों के सौदागर अंतरराज्यीय तस्कर रवि लखेरा के साथ पुलिस की कल मुठभेड़ हुई थी, जिसमें उसका शॉर्ट एनकाउंटर हुआ, जिसमें रवि के बाएं पैर में गोली लगी थी। उसके दो साथी भागने में सफल हो गए थे। रवि को बुंदेलखंड मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है। यहां से डिस्चार्ज होने पर पुलिस उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी।
इधर, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज की मेडिसिन आइसीयू में भर्ती 30 वर्षीय मुकेश पिता मुन्ना लोधी की मौत हो गई। डॉक्टर पांच दिन से उसे बचाने का प्रयास कर रहे थे। उसे वेंटिलेटर पर रखा था। अब जहरीली शराब से मौतों की संख्या 37 हो गई है। अब भी 9 लोग आइसीयू में हैं। इनमें विनोद रजक, अजय लोधी सहित 4 गंभीर हैं। आंखों की रोशनी बचाने में लगे विशेषज्ञ डॉक्टर: आइसीयू में भर्ती 5 मरीजों की आंखों की रोशनी जाने का खतरा है। नेत्र रोग विशेषज्ञों की टीम इनकी आंखों की ज्योति बचाने का प्रयास कर रही है।
पुलिस ने चंद्रभान सिंह राजपूत उर्फ चंदू, मनीष लोधी, सिद्धार्थ कुशवाह, आशीष साहू व रवि लखेरा को मुख्य आरोपी बनाया। दर्ज दो केस में 33 आरोपी बनाए। 18 गिरफ्तारी हो चुकी। 13 फरार हैं। 1 की जहरीली शराब से मौत। 1 का इलाज चल रहा।