सागर

ट्रॉली का कृषि कार्य के लिए पंजीयन और मंडी में कर रहे व्यावसायिक उपयोग

बड़ी ट्रॉलियों का कराया है निर्माण, जिससे ज्यादा ढो सकें बोरियां, हम्माल संघ कर चुका है विरोध, दुर्घटनाओं की रहती है आशंका, फिर भी अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान, सड़कों पर दौड़ते हैं ओवरलोड ट्रैक्टर ट्रॉली
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Jul 03, 2026
Registration of the trolley for agricultural purposes, yet using it for commercial operations at the mandi.
मंडी में व्यापारियों की उपज ढोने तैयार की गई ट्रॉली। फोटो-पत्रिका

बीना. ट्रैक्टर के लिए ट्रॉली खरीदते समय कृषि कार्य के लिए पंजीयन होता है, लेकिन कुछ लोग इस पंजीयन पर व्यावसायिक कार्य कर रहे हैं, जिससे राजस्व की हानि हो रही है। साथ ही क्षमता से अधिक अनाज की बोरियां भरने से हादसों का डर बना रहता है।
कृषि उपज मंडी में व्यापारियों का अनाज ढोने कुछ लोगों ने किराए पर ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाए हुए हैं। यह ट्रैक्टर-ट्रॉलियां कृषि कार्य के लिए ली गई हैं, लेकिन इनका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। यही नहीं ट्रॉलियों में ज्यादा अनाज की बोरियां ढोने के लिए कृषि कार्य में उपयोग होने वाली ट्रॉलियों से बड़ा बनवाया गया है। परिवहन विभाग के नियमों को ताक पर रखकर कार्य किया जा रहा है। इसके बाद भी मंडी के अधिकारियों द्वारा ध्यान नहीं दिया जाता है। जबकि इसकी पूर्व में शिकायत भी की जा चुकी हैं। इस संबंध में प्रभारी मंडी सचिव प्रकाश मार्को से फोन पर कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

पचास की जगह सौ क्विंटल भर रहे अनाज
जानकारी के अनुसार मंडी में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में करीब पचास क्विंटल अनाज भरा जा सकता है, लेकिन ट्रॉलियों का आकार बढ़ाकर इनमें 100 क्विंटल से ज्यादा अनाज भरा जा रहा है। इसका विरोध कुछ दिनों पूर्व हम्माल संघ ने भी किया था, लेकिन अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की है। जबकि क्षमता से अधिक ट्रॉली में अनाज भरने से हादसों का भी डर बना रहता है, क्योंकि यह ट्रैक्टर-ट्रॉली शहर के बीच से ही गुजरते हैं।

मंडी परिसर में ही खड़े रहते हैं ट्रैक्टर-ट्रॉली
उपज ढोने के लिए लगाए गए ट्रैक्टर-ट्रॉली चौबीसों घंटे मंडी परिसर में ही खड़े रहते हैं, जिससे किसानों को परेशानी होती है। अधिकारियों को भी यह जानकारी है, लेकिन फिर भी कार्रवाई नहीं करते हैं, क्योंकि अधिकारियों की मिलीभगत से ही यह कार्य हो रहा है।

परिवहन विभाग भी नहीं देता ध्यान
कृषि वाहनों का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है, लेकिन कभी भी परिहवन विभाग के अधिकारी जांच करने के लिए नहीं आते हैं, जिससे लोग मनमर्जी से वाहन या उसमें लगने वाले उपकरणों को मोडिफाइ कराकर उसका व्यावसायिक उपयोग कर रहे हैं।

Updated on:
03 Jul 2026 01:10 pm
Published on:
03 Jul 2026 01:03 pm