
Sagar Gold brand clean chit: सागर शराब कांड (Sagar Liquor Tragedy) में प्रभावितों के आंकड़ों को लेकर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। कलेक्टर प्रतिभा पाल मंगलवार शाम तक 15 पर अटकी रही, उधर मंत्री प्रहलाद पटेल ने 19 लोगों के नाम की सूची जारी कर शोक जाता दिया। इस तरह सरकार और प्रशासन के आंकड़ों में ही बड़ा अंतर सामने आया है। जबकि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रभावितों की संख्या 50 से अधिक होने का दावा कर रहे है। बता दें कि,नकली शराब से हुई मौतों को लेकर वास्तविक संख्या छिपाने के आरोप लग रहे थे, जो मंत्री पटेल द्वारा जारी सूची से सही साबित हो रहा है। उधर,मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने मामले में स्पष्टीकरण देते हुए आरोपियों से दूरी बनाई।
वहीं इसी मामले में आरोपियों के तार यूपी के ललितपुर से जोड़ना सागर पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया पर भारी पड़ने वाला है। मप्र पुलिस के आरोपों पर उत्तरप्रदेश पुलिस ने बयान जारी किए हैं। ललितपुर के एएसपी कालू सिंह ने एसपी सुजानिया के दावे को भ्रामक बताते हुए खारिज कर मप्र पुलिस से साक्ष्य मांगे हैं।
मंत्री पटेल ने सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट में नकली शराब से दुनिया छोड़ गए लोगों के लिए शोक व्यक्त किया है। साथ ही 19 मृतकों के नाम जारी किए, जिनमें दिग्विजय लोधी, करतार सिंह लोधी, राजेन्द्र सिंह लोधी, कम्मू अहिरवार, चमन सिंह, उजायर सिंह, गोविंद उर्फ नीलेश, देश कुमार, भोपाली, अनाद रावत, कृष्ण कुमार लोधी, भगवान सिंह लोधी, सचिन उर्फ सत्येंद्र सिंह, राज कुमार, कैलाश, रौशन, हरनाम, गोविंद व राम सिंह का नाम शामिल है। मंत्री ने कहा, जो संबल योजना में पंजीकृत श्रमिक थे, उनके आश्रितों को 4 लाख जबकि अन्य को सीएम स्वेच्छानुदान से सहायता राशि देंगे।
मंगलवार को नकली शराब के कारण ने 3 और लोगों का निधन हो गया। मंगलवार रात छापरी के अरविंद (38) पिता मुकुंदी विश्वकर्मा इस दुनिया में नहीं रहे। उसे कैजुअल्टी से आइसीयू में शिफ्ट किया था। धुरमार के रामस्वरूप (32) पिता मलखान अहिरवार और रिझावर सानौधा के नर्मदा (50) पिता महादेव का भी निधन हो गया। प्रबंधन ने कहा, मृतकों को पीएम के लिए नहीं आया। पीएम रिपोर्ट से ही पुष्टि संभव है। नकली शराब के सेवन से अब तक 32 लोगों का निधन हो चुका है। प्रशासन 13-15 ही बता रहा है।
मंगलवार को गढ़ाकोटा समेत अन्य स्थानों से नए मरीज अस्पताल पहुंचे। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) में 90 मरीजों का इलाज चल रहा है। इनमें से 9 आइसीयू में हैं। 5 अति गंभीर हैं। उनकी आंखों की रोशनी चली गई है। मरीजों को वेंटिलेटर व डायलिसिस से लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा है।
बीएमसी में मरीजों के रिकॉर्ड मेंटेन को लेकर कोविड जैसे हालात बन गए हैं। अब तक बंडा और बिनैका में 1-1 एफआइआर दर्ज की है। चंदू राजपूति समेत 30 आरोपी बनाए हैं। 14 को गिरफ्तार किया। बरेठी व बरायठा के दो शराब दुकानदारों सिद्धार्थ कुशवाह व यशवंत ठाकुर पर केस दर्ज करने के बाद लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया चल रही है। इस बीच प्रशासन ने दो मुख्य आरोपियों के घर की नाप-जोख की। माना जा रहा है बुधवार को उनके मकान ढहा (Bulldozer Action) सकते हैं।
आबकारी की 3 टीमों ने वेयरहाउस, शराब दुकान व डीसीआर डिस्टलरी की जांच की। यहां अवैध अमानक शराब संदिग्ध केमिकल नहीं मिला। विभाग ने बंडा में 7 शराब दुकानें सील की थीं। जांच में फैक्ट्री-वेयर हाउस, सरकारी दुकान से जुड़े सागर गोल्ड ब्रांड को क्लीन चिट (Sagar Gold brand clean chit) दे दी। बम्बझ्या व डीसीआर ब्रांड की सप्लाई पर अंतिम जांच रिपोर्ट आने तक रोक है। दोनों रहेगी। विभाग का तर्क है, इन्हीं ब्रांड्स के नाम पर नकली शराब खपाने की आशंका है। अन्य सील दुकानों का बुधवार से संचालन होगा।
आबकारी सहायक आयुक्त कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते, उप-निरीक्षक प्रोशनी उरेती सस्पेंड आबकारी संभागीय उड़नदस्ता प्रभारी उपायुक्त नीरजा श्रीवास्तव अटैच, बंडा टीआइ राजेंद्र सिंह कुशवाह, गुगरा चौकी प्रभारी पूरनलाल लड़िया सस्पेंड बंडा SDM आरती यादव को हटाया। SDOP प्रदीप वाल्मीकी पीएचक्यू में ट्रांसफर।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने सीएम को पत्र लिखकर प्रदेश में अवैध और नकली शराब की बिक्री और उससे हुई जनहानि पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। उन्होंने सरकार से पूछा- गुजरात और मुरैना में मिलावटी/नकली शराब से हुई जनहानि के बाद ऐसी घटनाओं की पुनरावृति रोकने के लिए क्या एक्शन प्लान बनाए। पटवारी ने कहा कि इतनी बड़ी घटना के बाद तबादला कार्रवाई नहीं है। निलंबन न्याय नहीं है और सरकारी बयान जवाबदेही नहीं है।
नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा, मप्र में शासन नाम की चीज नहीं बची। सागर में कई जान लेकर घरों में मातम पहुंचा दिया। सबको पता है, जांच के आदेश होंगे। कुछ अफसर सस्पेंड होंगे। कुछ गिरफ्तारियां होंगी। कुछ समय पहले इंदौर में दूषित पानी से कई घरों के चिराग बुझ गए थे। कफ सिरप कांड में कई बच्चों का निधन हो गया था। कहां है जवाबदेही?