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सागर शराब कांड अपडेट- अब तक 26 लोगों की थमी सांसें, 7 और घरों के बुझे चिराग, लगातार बढ़ रहा आंकड़ा

Sagar Liquor Tragedy Update: मध्य प्रदेश के सागर शाराब कांड में अब तक 26 लोगों के निधन की पुष्टि की गई है। रविवार को 19 लोगों के दुनिया छोड़ देने की खबर सामने आई थी। अब सोमवार को 7 अन्य घरों के चिराग बुझ गए।
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सागर

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Akash Dewani

Sep 07, 2026

sagar liquor tragedy update human life loss toll continues to rise

Sagar Liquor Tragedy Update: सागर में अब तक 25 लोगों की थमी सांसें (फोटो सोर्स- Patrika)

Sagar Liquor Tragedy Update: मध्य प्रदेश के सागर के मिलावटी शराब कांड में प्रभावितों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। रविवार को 19 लोगों के निधन की खबर सामने आई थी। ताजा मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार को यह आंकड़ा बढ़कर 26 हो चुका है। सोमवार सुबह से दोपहर तक 7 और घरों के चिराग बुझ गए। हालांकि, प्रशासन की आंकड़ा 11 पर अटका हुआ है।

बता दें कि, शनिवार को जिले के बंडा विधानसभा क्षेत्र के 6-7 गांवों से मिलावटी शराब के सेवन से लोगों की तबियत बिगड़ने के मामले सामने आने शुरू हुए थे। रविवार को बंडा और सागर के अस्पताल में भर्ती घायलों के निधन की खबरे आना शुरू हुई थी। रविवार को घटना सामने के बाद से ही कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देश पर जिले के सभी शराब ठेकों और दुकानों पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है। मामले में अब तक 30 संदिग्ध लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार भी किया है।

सोमवार को निधन हुए लोगों के नाम

  1. बंडा छापरी निवासी श्याम बाई ने रात में शराब पी थी। वह 50 साल से शराब पी रही थी, जिसके बाद सीने में दर्द हुआ था।

2. पपेट निवासी कृष्ण कुमार लोधी उम्र 33 साल पुत्र उमेद सिंह लोधी के बड़े भाई माखन सिंह लोधी ने बताया कि रविवार को सुबह और शनिवार शाम शराब पीने के बाद तबीयत बिगड़ी उनके सीने में दर्द हुआ कमर में दर्द हुआ और आंखों से दिखाई देना बंद हो गया जिसके बाद गंभीर हालत में सीधे शाम करीब 6:00 बजे बीएमसी लेकर पहुंचे थे।

3. कैलाश अहिरवार 40 साल निवासी छापरी। कैलाश और श्याम बाई का भतीजा था।

4. भगवान सिंह लोधी पुत्र विजय सिंह निवासी गुगरा खुर्द उम्र 35 साल की मौत, इनके बड़े भाई उजियार सिंह पुत्र विजय सिंह का रविवार को निधन हुई थी। भगवान सिंह अपने पीछे दो साल मासूम छोड़ गए है।

5. देशकुमार उर्फ भूरे पिता इंदर सिंह लोधी निवासी बुढना रविवार सुबह जिला अस्पताल में भर्ती हुए थे। सोमवार देर रात वह भी दुनिया छोड़ गए। भतीजे रोहित लोधी ने बताया कि चाचा की एक 12 साल की लड़की है।

6. भोपाली आदिवासी निवासी खुर्द खटोरा दलपतपुर उम्र 45 साल के चाचा रामचरण आदिवासी ने बताया कि शनिवार की रात शराब पी रविवार को उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। भोपाली स्वस्थ अवस्था में सागर आए थे। रविवार देर रात अचानक उनकी तबीयत खराब हुई। शरीर अकड़ने लगा उल्टियां हुई, सीने में दर्द हुआ और उनकी मौत हो गई। हैरान करने वाली बात यह है कि रविवार को भोपाली ने स्थानीय मीडिया से बातचीत भी की थी और खुद को बिलकुल स्वस्थ बताया था।

7. रामसिंह लोधी पुत्र गजराज सिंह लोधी निवासी पाटन 40 वर्ष को रविवार को रात 10 बजे बंडा से बीएमसी लाए थे जिनकी इलाज के दौरान रविवार-सोमवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे निधन हो गया। मृतक के भाई सुरेंद्र लोधी ने की पुष्टि।

सागर गोल्ड ब्रांड की शराब से बिगड़ी थी तबियत, कार्रवाई शुरू

बंडा क्षेत्र में धड़ल्ले से बिकने वाली सागर गोल्ड लाल शराब मामले की मुख्य बजह बताई जा रही है। मिलावटी शराब से हुई जनहानि के बाद पुलिस-प्रशासन और आबकारी विभाग इसका कनेक्शन खंगालने में जुट गए। इसमें उत्तरप्रदेश के शराब माफिया की संलिप्तता बताई गई, जो खुद भी ठेकेदार रहा और पार्टनरशिप में मध्यप्रदेश के सागर-छतरपुर में शराब दुकानें लेता रहा है। सागर गोल्ड कंपनी की पैकेजिंग और सप्लाई का काम शराब ठेकेदारी करने वाले के कनेक्शन को खंगाला जा रहा है। बताया जा रहा है कि मध्यप्रदेश की सीमा से सटे उत्तरप्रदेश के ललितपुर जिले के शराब माफिया रवि लखेरा का हाथ हो सकता है। रवि करीब 15 दिन पहले शराब तस्करी मामले में रिहा हुआ था।

आबकारी ठेकेदारों की चेतावनी के बाद भी नहीं जागा विभाग

बॉम्बे व्हिस्की और सागर गोल्ड जैसे ब्रांड्स की अवैध रीपैकिंग और नकली शराब का काला कारोबार लंबे समय से फल-फूल रहा था। हैरानी की बात यह है कि आबकारी विभाग और पुलिस इस बात का पता लगाने में पूरी तरह नाकाम रहे कि आखिर यह अवैध फैक्ट्री या नेटवर्क कहां संचालित हो रहा था।

ठेकेदारों की बैठक और आबकारी विभाग को शिकायत

नकली शराब की बिक्री के खेल का मुख्य पहलू यह है कि लाइसेंसी आबकारी ठेकेदारों को शराब माफियाओं की तरफ से भारी डिस्काउंट पर अवैध शराब सपाने के ऑफर मिल रहे थे। सरकारी दुकान पर 137 रुपए में बिकने वाली बॉम्बे व्हिस्की महज 70 से 80 रुपए में उपलब्ध कराई जा रही थी। इस अवैध सप्लाई और डंपिंग से परेशान होकर कुछ दिन पहले ही शहर के आबकारी ठेकेदारों ने एक निजी होटल में गुप्त बैठक की थी। इस बैठक में उन्होंने आबकारी विभाग को लिखित शिकायत दी थी कि शहर के अन्य स्थानों पर बड़ल्ले से नकली शराब तैयार कर बेची जा रही है।

कैसे तैयार होती थी अमानक शराब

शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने के कारण शराब माफिया के हौसले बुलंद रहे। गिरोह पुरानी खाली बोतलों, दूबटू दिखने वाले फर्जी लेबल, ढक्कन और नकली क्यूआर कोड का इस्तेमाल कर रहा था। इतना ही नहीं, एथेनॉल प्लांट्स से ट्रांसपोर्टेशन के दौरान निगरानी में भारी चूक का फायदा उठाकर मिथाइल अल्कोहल का इस्तेमाल किया जा रहा था। विभाग और पुलिस की इस लापरवाही ने कई परिवारों के चिरागों को एक झटके में बुझा दिया।