
Sagar Crime: मध्य प्रदेश के सागर जिले के मोतीनगर थाना क्षेत्र के एक गांव में कुएं से युवती के संदिग्ध अवस्था में मिले शव के मामले में पुलिस खुलासे के करीब पहुंच गई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने इसे अत्यंत संवेदनशील मामला मानते हुए विशेष जांच टीमों का गठन किया था। युवती के मिलने के पांच दिनों के भीतर ही पुलिस संदिग्धों तक पहुंचने में कामयाब रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ पूरी होने के बाद ही मामले के कारणों का आधिकारिक खुलासा किया जाएगा। बताया जा रहा है कि मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हो सकता है।
शुरुआती दौर में मृतका की पहचान करना पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ था। हालांकि, घटनास्थल के पास से बरामद चप्पल और कुएं के अंदर से मिले कपड़ों के आधार पर युवती की शिनाख्त संभव हो सकी। पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि युवती 29 सितंबर की रात को अपने घर से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी।
जब पुलिस ने परिजनों से विस्तृत पूछताछ की तो परिजनों ने पुलिस को बताया कि युवती मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करती थी, जिससे तकनीकी साक्ष्य या कॉल डिटेल जैसी जानकारियां जुटाना पुलिस के लिए असंभव साबित हो रहा था। जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस की सुई मृतका के घर के पास चल रहे सड़क निर्माण कार्य पर टिकी। पुलिस को यह संदेह हुआ कि इस मामले में आसपास काम कर रहे मजदूर शामिल हो सकते हैं। इस दिशा में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मौके पर कार्यरत 30 से अधिक मजदूरों से पूछताछ की। पुलिस ने उपस्थिति पंजी में पाई गई संदिग्ध अनुपस्थितियों और विसंगतियों के आधार पर पुलिस ने दो मुख्य संदिग्धों को चिन्हित कर लिया है, जिनसे फिलहाल पूछताछ जारी है। इन दो संदिग्धों में से पुलिस ने आरोपी युवक की पहचान कर ली है। युवक रीवा जिले का रहने वाला बताया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी युवक ने पुलिस को बताया कि वह निर्माण स्थल पर ट्रक ड्राइवरी का काम करता है। पीड़िता के लापता होने के करीब 10-15 दिन पहले दोनों के बीच पहली बार बात हुई थी। आरोपी के अनुसार, युवती ने सामने से उससे बात करने की इच्छा जताई थी और पर्ची पर नंबर लिखकर उसकी तरफ फेंका था। दोनों के बीच पर्ची और पत्र के माध्यम से बातचीत होती थी। इसी बीच दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगी। मामला अकेले में मिलने तक पहुंच गया था।
आरोपी ने बताया कि इसके कुछ दिन बाद युवती ने उसे एक और पर्ची भेजी। पर्ची में युवती ने लिखकर आरोपी से पुछा था कि- तुम शादीशुदा तो नहीं हो, मुझे धोखा तो नहीं दोगे? इस पर आरोपी ने उसे कहा कि वो शादीशुदा नहीं है और न ही वो धोखा देगा। इसके बाद 29 सितंबर की सुबह वह दोनों एक बार फिर मिले। तभी युवती के परिजन उसे ढूंढते हुए ट्रक के पास पहुंच गए। परिजनों के आवाज सुनकर दोनों उसी अवस्था में अपने कपड़े लेकर वहां से खेत की तरफ भागे।
आरोपी युवक ने बताया कि दोनों भागकर एक कुएं के पास पहुंचे। युवती ने घबराते हुए युवक से कहा कि अब मुझे अपने घर में सब बताना पड़ेगा। आरोपी के अनुसार, युवती लगातार उससे शादी करने के बात कहती रही। कुछ देर बाद आरोपी युवक ने अपना राज युवती को बताया। आरोपी ने बताया कि उसने झूठ बोला था। वह शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी है। इसे युवती के पैरों तले जमीन खिसक गई। युवती ने फिर आरोपी को उसके घर जा कर रिश्ते की सच्चाई बताने की धमकी दी। दोनों के बीच कुछ देर बहस होती रही। इसी दौरान आरोपी ने घटना को अंजाम दिया। धक्का देने के बाद उसने युवती के कपड़े भी कुएं में फेंक दिए थे।
मामले की जांच में हैरानी वाली बात यह सामने आई कि घटना को अंजाम देने के बाद युवक तीन से चार दिन तक निर्माणस्थल पर ट्रक चलाने के काम कर रहा था। इधर, युवती के परिजन उसे नम आंखों से उसकी तलाश करते रहे। चार दिन बाद आरोपी छुट्टी लेकर रीवा स्थित अपने घर चला गया। फिर कुछ दिन बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। मिली जानकारी के मुताबिक, शनिवार को पुलिस संदिग्ध आरोपी को कोर्ट
में पेश कर रही है। आरोपी की कस्टडी मिलने के बाद मामले में और भी खुलासे होना संभव है।