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इफको कंपनी की बोरी, प्रिंट भी असली जैसा और बेच रहे नकली डीएपी, किसान भी बिना जांच के ले रहे महंगे दामों पर

दूसरे शहरों से खाद आने की आशंका, थाना प्रभारी को दिया आवेदन, डीएपी की किल्लत होने के कारण कुछ लोग नकली खाद बेचकर कमा रहे लाभ, कृषि विभाग के अधिकारी अलर्ट
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They are selling fake DAP in bags bearing the IFFCO brand—complete with authentic-looking printing-and farmers, without verifying

नकली खाद की बोरी। फोटो-पत्रिका

बीना. रबी सीजन में किसानों को डीएपी खाद की जरूरत है, लेकिन खाद नहीं मिल पा रहा है। साथ ही खाद लेने के लिए ई-टोकन बुक करना होगा। डीएपी खाद की कमी के चलते कुछ लोग नकली खाद बेच रहे हैं और किसान भी बिना किसी जांच के महंगे दामों पर खाद खरीद रहे हैं, जबकि इससे फसलों को कोई लाभ नहीं होगा।
नकली खाद बेचने वालों ने इफको कंपनी की बोरी प्रिंट कराई हैं, जो असली खाद की बोरी जैसी दिखती है, लेकिन उसमें नकली खाद भरा हुआ है। कंपनी की बोरी होने पर किसान आसानी से भरोसा कर यह खाद 2000 रुपए बोरी तक में ले रहे हैं, क्योंकि उन्हें अभी बोवनी के लिए खाद की जरूरत है। किसानों की मजबूरी के चलते शहर में बड़ी मात्रा में यह खाद बेचे जाने की आशंका है, जो दूसरे शहरों से लाया जा रहा है। दो मामले सामने आने के बाद अब कृषि विभाग के अधिकारी किसानों को बिना ई-टोकन के खाद न लेने की सलाह दे रहे हैं, जिससे उन्हें नुकसान न उठाना पड़े। डीएपी की जगह गोदाम और बाजार में दुकानों में दूसरे खाद उपलब्ध हैं, उन्हें लेने की सलाह दी जा रही है।

थाना प्रभारी को दिया आवेदन


कृषि विभाग के उर्वरक निरीक्षक दीपेश मोघे ने गुरुवार को बीना थाना प्रभारी के लिए आवेदन दिया है, जिसमें छह किसानों को बिना ई-टोकन के नकली खाद बेचने पर रोहित राय निवासी कुरुआ और सुरेन्द्र उर्फ संजू सिंह पिता मालक सिंह निवासी पड़रिया के यहां 20 बोरी खाद मिला है, जिसके दस्तावेज नहीं हैं। प्रारंभिक जांच में खाद नकली होने की आशंका होने पर दोनों के खिलाफ अवैध रूप से अधिक दामों पर खाद बेचने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की धारा 5, 7, 19 एवं धारा 35 के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।

एक्सपर्ट व्यू
इस तरीक से करें प्रारंभिक जांच


वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अवधेश राय ने बताया कि किसान बिना ई-टोकन का खाद न लें। साथ ही खाद संदिग्ध होने पर थोड़े से खाद के दानों में चूना मिलाएं, इसके बाद उसमें तेज गंध आती है, जिससे आंसू तक आने लगते हैं। साथ ही मसलने पर दाना आसानी से नहीं टूटता है और गर्म तवे पर खाद के दाने डालने पर खाद असली होने पर दाने फूटते हैं। उन्होंने बताया कि नकली खाद होने के संदेह पर तत्काल कृषि विभाग के अधिकारियों को सूचना दें।