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बीना में कुल्हाड़ी मारकर की थी महिला की हत्या, न्यायालय ने सुनाई छह को आजीवन कारावास की सजा

बीना के प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ने सुनाया फैसला, वर्ष 2022 में दिया गया था घटना को अंजाम, मामले में छह आरोपियों को साक्ष्यों के आधार पर पाया गया दोषी
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Woman murdered with an axe in Bina; court sentences six individuals to life imprisonment

दोषियों को जेल ले जाती हुई पुलिस। फोटो-पत्रिका

बीना. जमीन ठेका पर देने के विवाद में महिला की हत्या करने वाले छह आरोपियों को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार कुंडु ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अर्थदंड लगाया है। मामले में सुकई पिता हीरा अहिरवार, अनिल पिता संतराम पटेल, अमना उर्फ अरविन्द पिता रामसिंह, राहुल पिता रामसिंह, प्रमेन्द्र पिता दशरथ सिंह और किशन पिता कन्छेदीलाल ग्राम ढिकुआ को दोषी पाया है।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे सहायक जिला लोक अभियोजक अमित गोयल ने बताया कि हडक़ारी निवासी गजराज ने 8 नवंबर 2022 को पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। फरियादी ने बताया था कि उसने करीब 15 वर्ष से बीना निवासी कल्लू साहू की जमीन ठेके पर ले रखी है और खेती करता है। वह जमीन सुकई अहिरवार को ठेके पर नहीं मिल पाई थी, इसी बात को लेकर रंजिश के चलते 7 नवंबर 2022 की रात 11.30 बजे उसके घर के बाहर सुकई, उसके भाई के दोनों लडक़े अमना, राहुल आए और गाली-गलौज शुरू कर दी। सभी कुल्हाड़ी, डंडा लिए थे, जिन्हें पत्थर मारकर घर के बाहर से भगाया था। इसके बाद किशन और अनिल आए, जिन्होंने गाली-गलौज कर गजराज की पत्नी को मारने की धमकी दी थी। इस दौरान उसकी पत्नी शांतिबाई, बहू सुमन और लडक़ा नंदलाल खेत पर गए थे और नंदलाल ने उसे फोन करके बताया कि वह कमरे में बंद है। खेत में सुकई, अमना, राहुल, किशन एवं अनिल ने मां शांतिबाई और पत्नी सुमन के साथ कुल्हाड़ी व डंडे से मारपीट कर दी है। सुकई, अमना और राहुल ने मां के सिर में कुल्हाड़ी मार है। साथ ही किशन और अनिल ने सुमन के साथ डंडे से मारपीट की थी, जिससे उसे चोटें आई थीं। इसके बाद डायल 100 पर सूचना दी, जो घायलों को लेकर सिविल अस्पताल पहुंची थी, जहां डॉक्टरों ने शांतिबाई को मृत घोषित कर दिया था। विवेचना के बाद आरोपियों के विरूद्ध अभियोगपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जिसमें विचारण के बाद न्यायालय ने अभियोजन अधिकारी के तर्कों से सहमत होकर और साक्ष्यों के आधार पर आजीवन कारावास एवं अर्थदण्ड से दंडित किया गया। सजा बुलने के बाद मेडिकल के बाद दोषियों को जेल भेजा गया।