सागर

संजीवनी क्लीनिक में लोकार्पण के बाद से डला ताला, स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं स्टाफ

तीन में से सिर्फ एक ही क्लीनिक का हो पाया है निर्माण, दूसरी क्लीनिक का भवन अधूरा और तीसरे के लिए नगर पालिका तलाश रही है चार साल से जगह
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May 06, 2026
Sanjivani Clinic has been locked since its inauguration, with no staff available at the health department.
संजीवनी क्लीनिक में डला ताला। फोटो-पत्रिका

बीना. शहर में तीन संजीवनी क्लीनिक का निर्माण होना है, जिसमें एक क्लीनिक हींगटी रोड पर उरैया में बनकर तैयार हो गई है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ कमी के कारण अभी तक यह शुरू नहीं हो पाई है। दो अन्य क्लीनिक में एक अधूरी है, तो दूसरी का निर्माण करने के लिए नगर पालिका को जगह नहीं मिल पा रही है।
उरैया में बनी क्लीनिक का कुछ दिनों पूर्व लोकार्पण हो चुका है, लेकिन इसे स्वास्थ्य विभाग ने हैंडओवर नहीं लिया और इसका संचालन करने के लिए स्टाफ भी नहीं है। यदि एक क्लीनिक चालू हो जाए, तो आसपास के लोगों के लिए प्राथमिक उपचार मिलने लगेगा। क्लीनिक जल्द शुरू न होने पर भवन में तोडफ़ोड़ शुरू हो जाएगी। शहर में दो और क्लीनिक तैयार होनी है, जिसमें एक जवाहर वार्ड स्थित शासकीय स्कूल के परिसर में बनाई जा रही है, जो अधूरी है। साथ ही एक क्लीनिक के निर्माण के लिए अभी नगर पालिका जगह तलाश रही है। पूर्व में जिन जगहों को चिंहित किया था वहां विवाद के चलते निर्माण शुरू नहीं हो पाया और अब भीम वार्ड में इसके लिए जमीन तलाशी जा रही है। जगह मिलते ही अधिकारी कार्य शुरू करने की बात कह रहे हैं।

सिविल अस्पताल में चार डॉक्टर कर रहे ड्यूटी
शहर में स्वास्थ्य विभाग की स्थिति यह है कि सिविल अस्पताल में चौबीस घंटे ड्यूटी के लिए सिर्फ चार डॉक्टर पदस्थ हैं, जिसमें डॉ. रिया जैन जो आगासौद में पदस्थ हैं, उनकी सेवाएं भी अस्पताल में ही ली जा रही हैं। अस्पताल की व्यवस्था विभाग के अधिकारी सुधार नहीं पा रहे हैं और शहर संजीवनी क्लीनिकों के भवन बनाए जा रहे हैं।

प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में नहीं डॉक्टर
ब्लॉक के प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में भी डॉक्टरों की कमी है, जिससे यहां लोगों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय स्तर से वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजे जाते हैं, लेकिन नियुक्तियां नहीं हो पा रही हैं। सिर्फ भवन बनकर खड़े हैं।

स्टाफ की है कमी
संजीवनी क्लीनिक भवन हैंडओवर नहीं लिया है और इसे शुरू करने के लिए स्टाफ भी नहीं हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के अनुसार क्लीनिक का संचालन किया जाएगा।
डॉ. संजीव अग्रवाल, बीएमओ

Updated on:
06 May 2026 11:44 am
Published on:
06 May 2026 11:44 am