
Sagar News :मध्य प्रदेश के सागर जिले में स्थित बीना रिफाइनरी गेट के पास से चोरी गए डंपर की गुत्थी आगासौद पुलिस ने 900 किलोमीटर तक जांच अभियान चलाने के बाद आखिरकार सुलझा ली है। पुलिस ने करीब 12 लाख कीमत का चोरी गया डंपर बरामद कर राजस्थान के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए दूसरे डंपर का फास्टैग इस्तेमाल किया था।
जानकारी के अनुसार, 18 जुलाई की रात रिफाइनरी गेट के पास पार्क किया गया डंपर क्रमांक यूपी 93 ईटी 0065 चोरी हो गया था। वाहन मालिक नवल सिंह यादव निवासी झांसी की शिकायत पर आगासौद पुलिस ने अज्ञात चोर के खिलाफ मामला दर्ज किया था। चोरों की तलाश के लिए एसडीओपी अजय कुमार सनकत के मार्गदर्शन टीम गठित की गई।
इसके बाद थाना प्रभारी अनुपमा शर्मा और टीम ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरे तलाशे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस ने नेशनल हाईवे के विभिन्न टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज, साक्ष्य और फास्टैग के आधार पर पुलिस बाड़मेर जिले के बायतू निवासी डालूराम तक पहुंची। पूछताछ में उसने बताया कि, संबंधित फास्टैग उसके पूर्व चालक भंवराराम ढाका के पास था। इसके बाद पुलिस टीम ने बालोतरा, बाड़मेर और जोधपुर जिलों में लगातार दबिश दी।
5 अगस्त की रात सिणधरी से भंवराराम पिता बाबूराम ढाका (22) निवासी चंपाबेरी निवासी पचपदरा बालोतरा राजस्थान को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने अपने भाई विकास उर्फ हेमाराम ढाका (24) व साथी सरूपाराम पिता लिकमाराम मायला (20) के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपियों ने बताया कि चोरी के बाद डंपर को राजस्थान ले गए थे और वहां से महाराष्ट्र के कोल्हापुर भागने की तैयारी कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों से 12 लाख कीमत का डंपर जब्त कर आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया।
कार्रवाई में थाना प्रभारी अनुपमा शर्मा, मंडीबामोरा चौकी प्रभारी प्रदीप जाटव, प्रधान आरक्षक जयपाल सिंह घोष, सौरभ रैकवार, हेमंत सिंह, सुशील सिंह चौहान, संतोष रैकवार, आरक्षक दीपेन्द्र मौर्य, आरक्षक रोहित विश्वकर्मा, जितेन्द्र की अहम भूमिका रही।