6 लाख रुपए का हुआ नुकसान, तीन गांवों में 36 घंटे नहीं आई बिजली, शहर में भी हुआ नुकसान, मकानों पर भी गिरे पेड़, बाल-बाल बचे परिवार के लोग
बीना. सोमवार शाम अचानक आई तेज आंधी से ग्रामीण क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ है। आंधी इतनी तेज थी कि जगह-जगह बिजली के खंभे उखड़ गए और पेड़ गिरने से भी बिजली लाइन क्षतिग्रस्त हुई हैं। करीब 40 बिजली के खंभे टूट गए और चार डीपी क्षतिग्रस्त हुई हैं।
जानकारी के अनुसार आंधी के खंभे टूटने और लाइन क्षतिग्रस्त होने से करीब 25 गांवों की बिजली आपूर्ति पूरी रात बाधित रही, जिससे ग्रामीण अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी। बिजली कंपनी के कर्मचारियों ने सोमवार रात से ही सुधार कार्य शुरू कर दिया था और मंगलवार दोपहर तक 23 गांवों की बिजली सप्लाई शुरू हो गई थी। एई बीएस तोमर ने बताया कि रात भर और सुबह से चले सुधार कार्य के बाद करीब 23 गांवों की बिजली आपूर्ति दोपहर तक बहाल कर दी गई थी। वहीं, परसोरा, पिपरासर और देहरी गांव के दो मोहल्ला की सप्लाई मंगलवार रात तक चालू नहीं हो पाई थी और सुधार कार्य जारी था। 8 नए खंभे लग चुके हैं और शेष आज लगाए जाएंगे।
6 लाख रुपए का हुआ नुकसान
आंधी से बिजली कंपनी को करीब 6 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। टूटे खंभे, क्षतिग्रस्त डीपी और तारों को बदला जा रहा है। साथ ही लगातार कर्मचारी चौबीस घंटे से कार्य कर रहे हैं।
पेड़ गिरने से बढ़ी परेशानी
कई स्थानों पर पेड़ गिरने से रास्ते भी बाधित हुए और बिजली लाइनों को अतिरिक्त नुकसान पहुंचा। कर्मचारियों ने पड़ों की कटाई कर उन्हें हटाया और फिर सुधार कार्य किया गया।
पाठक वार्ड में गिरा मकान का छज्जा
शहर के पाठक वार्ड की गली नंबर दो में जैना ट्रेडर्स की कारखाने का छज्जा गिर गया, जिसके ऊपर बनी बउंड्री भी साथ में गिर गई। गनीमत रही कि जिस समय छज्जा गिरा, वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
सेमरखेड़ी में मकान पर गिरी पेड़ की डाल
सेमरखेड़ी गांव में सीताराम ठाकुर के घर में पीपल के पेड़ की डाल गिर गई। जिस समय मकान पर डाल गिरी, तब परिवार की लोग पीछे तरफ थे, नहीं तो सभी लोग चपेट में आ जाते। डाल गिरने से मकान क्षतिग्रस्त हो गया है। परिवार के लोग बाल-बाल बचे।