मेडिकल कॉलेज परिसर में महिलाओं-बच्चियों की सुरक्षा खतरे में हैं।
सागर. मेडिकल कॉलेज परिसर में महिलाओं-बच्चियों की सुरक्षा खतरे में हैं। बुधवार दोपहर करीब ३ बजे नशे में झूमते हुए एक युवक ने मां के साथ जा रही करीब ७ वर्षीय बालिका को पहले इशारे किए और फिर मां-बेटी का पीछा करते हुए उस वार्ड तक जा पहुंचा, जहां दोनों रिश्तेदार को देखने पहुंची थीं। बालिका ने दरवाजे से हाथ हिलाकर इशारा कर रहे युवक के बारे में अपनी मां को बताया तो परिजनों ने उसे दबोच लिया। नशे में झूमते युवक को लोगों ने सबक सिखाया और उसे पुलिस चौकी तक ले गए।
बीएमसी के मेडिसिन वार्ड के बाहर बुधवार दोपहर करीब २.५० बजे तब हंगामा हो गया जब लोग एक युवक को दबोचकर पीटने लगे। पहले तो किसी को समझ नहीं आया पर बाद में जब पता चला कि जिस युवक को पीटा जा रहा है वह ऑटो चालक है और नशे में धुत है। बीएमसी में भर्ती अपने रिश्तेदार का इलाज करा रहे परिवार की महिला और उसकी पुत्री दोपहर में परिसर में बैठी थी। तब युवक वहां पहुंचा और काफी देर तक बालिका के पास बैठा रहा। जब वह अपनी मां के साथ वहां से अंदर आने लगी तो पहले उसने इशारे किए, फिर उसका पीछा करते हुए प्रथम तल पर स्थित मेडिसिन वार्ड तक जा पहुंचा। बालिका जब मरीज के पास पलंग पर बैठी थी तब युवक ने उसे वार्ड के गेट पर खड़े होकर इशारे किए जिसके बारे में बालिका ने अपनी मां को बता दिया। वहां मौजूद बालिका के पिता और चाचा ने दूसरे गेट से जाकर नशे में झूम रहे युवक को दबोच लिया और इस बीच वहां पहुंचे लोगों ने उसकी पिटाई लगा दी।
बीएमसी की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
नशे में ऑटो चालक मेन गेट से प्रवेश करते हुए प्रथम तल और फिर वार्ड तक बिना रोकटोक पहुंच गया और किसी ने उससे पूछताछ तक नहीं की। एेसे में मेडिकल कॉलेेज में कमजोर सुरक्षा इंतजामों के चलते महिला, मरीज ही नहीं वहां दिन-रात काम करने वाले नर्सिंग स्टाफ की सुरक्षा खतरे में है। वहीं चौकी पुलिस के अनुसार बीएमसी की सुरक्षा के लिए अलग से एजेंसी के गार्ड हैं और उन्हें वहां आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखना चाहिए। वहीं नशे में झूमते युवक पर परिजनों द्वारा शिकायत न करने पर कार्रवाई नहीं की जा सकी और उसे कुछ समय बाद चेतावनी देकर बीएमसी कैंपस के बाहर छोड़ दिया गया।