ऑयल का तापमान 72 डिसे तक पहुंचा, ट्रिपिंग टालने बरती जा रही सावधानी, यदि ज्यादा तापमान बढ़ेगा तो ट्रांसफॉर्मर कार्य करना बंद कर देगा
बीना. शहर के 33/11 केवी टाउन सब स्टेशन स्थित 8 एमवीए क्षमता वाले पावर ट्रांसफॉर्मर पर भीषण गर्मी और बढ़े हुए लोड का असर पड़ रहा है। तापमान तय सीमा से अधिक पहुंचने पर बिजली विभाग ने ट्रांसफॉर्मर के रेडिएटर पर कूलर लगाकर ठंडी हवा देने की व्यवस्था की है, जिससे फाल्ट न आए और आपूर्ति बाधित न हो।
शहर वीरसावरकर वार्ड स्थित सबस्टेशन में कुल तीन पावर ट्रांसफॉर्मर स्थापित हैं। इनमें मुख्य ट्रांसफॉर्मर 8 एमवीए का है, जिससे 11 केवी इटावा और मुंगावली फीडर संचालित होते हैं। वर्तमान में इस ट्रांसफॉर्मर पर लगभग 390 एम्पियर लोड चल रहा है, जबकि इसकी अधिकतम क्षमता 410 एम्पियर है। इसके अलावा शहर में लगे ट्रांसफॉर्मर में ही गर्मी के कारण आग लग रही है और केबल जलने से शहर में बार—बार बिजली कटौती की जा रही है। कटौती के कारण गर्मी से लोगों का बुरा हाल हो जाता है।
लगातार बढ़ रहा तापमान
लगातार 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहे बाहरी तापमान और बढ़ते लोड के कारण ट्रांसफॉर्मर के अंदर ऑयल और वाइंडिंग का तापमान तेजी से बढ़ रहा है। अधिकारियों के अनुसार वाइंडिंग का अधिकतम तापमान 80 डिसे और ऑयल का 78 डिसे तक सुरक्षित माना जाता है। फिलहाल वाइंडिंग 75 डिसे और ऑयल का 72 डिसे तक तापमान दर्ज किया गया है, जो चेतावनी स्तर के करीब है। अधिकारियों का कहना है कि यदि तापमान तय सीमा से आगे बढ़ता है, तो ट्रांसफॉर्मर ट्रिप कर सकता है। ऐसी स्थिति में इटावा और मुंगावली फीडर की सप्लाई बंद हो जाएगी और तापमान सामान्य होने में 45 मिनट से एक घंटे तक का समय लगता है, जिससे सप्लाई बाधित होगी।
कूलर से ट्रांसफॉर्मर को किया जा रहा ठंडा
संभावित जोखिम को देखते हुए बिजली कंपनी ने एहतियात के तौर पर ट्रांसफॉर्मर के रेडिएटर पर कूलर लगाए हैं, जिससे तापमान कम रहे। कार्यपालन यंत्री रवि कुमार गुप्ता के अनुसार अत्याधिक लोड और भीषण गर्मी के दौरान वाइंडिंग और ऑयल का तापमान निर्धारित सीमा से लगभग पांच डिग्री अधिक तक जा सकता है, जिससे ट्रिपिंग की संभावना बढ़ जाती है। शहर की बिजली आपूर्ति बाधित न हो, इसलिए कूलर लगाया गया है। अधिकारियों की टीम लगातार तापमान और लोड की निगरानी कर रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से पहले नियंत्रण किया जा सके।