
बीना. शहर के आसपास शासकीय जमीन न होने से विकास का दायरा बढ़ नहीं पा रहा है और इससे कई परेशानियां भी हो रही हैं। मंडी शिफ्टिंग, अस्पताल भवन निर्माण, पीएम आवास सहित कई निर्माण रुके हुए हैं। करीब बारह साल बाद अब फिर से मंडी शिफ्टिंग की तैयारी की जा रही है।
मंडी शिफ्टिंग के लिए अधिकारी शासकीय जमीन की तलाश कर रहे थे और अब पर्याप्त जगह बिहरना स्थित स्टेट वेयरहाउस के सामने मिली है। यहां करीब बीस एकड़ जमीन शासकीय है, जहां मंडी आसानी से शिफ्ट की जा सकती है। यह जमीन बीना-भागनढ़ रोड से लगी हुई है, जिससे आवागमन में कोई दिक्कत नहीं होगी। किसान, व्यापारियों के वाहन आसानी से पहुंच सकते हैं। यदि यहां मंडी शिफ्ट होती है, तो किसानों की परेशानियां तो कम होगी हीं, साथ ही शहर विकास का दायरा भी बढ़ेगा। क्योंकि शासकीय जमीन के अभाव में शहर में विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। मंडी के बिहरना पहुंचने से अन्य विकास कार्य भी यहां हो सकेंगे।
अभी 9 एकड़ है मंडी परिसर
वर्तमान में मंडी नौ एकड़ जमीन में संचालित हो रही है, जिसमें डाक, नीलामी परिसर, कार्यालय और गोदाम स्थित हैं। सीजन में यह जगह कम पड़ जाती है और ट्रैक्टर-ट्रॉली खेत किराए पर लेकर खड़े करने पड़ते हैं। मंडी की कुल बारह एकड़ जमीन है, लेकिन तीन एकड़ जमीन सिविल अस्पताल को दी गई है।
व्यापारियों ने कहा खुरई रोड है सुरक्षित
बिहरना में मंडी शिफ्टिंग को लेकर व्यापारियों का कहना है कि सुरक्षा की दृष्टि से खुरई रोड पर मंडी शिफ्ट होना चाहिए। व्यापारी संघ उपाध्यक्ष श्याम दुबे ने बताया कि व्यापारियों को हर दिन लाखों रुपए का भुगतान करना पड़ता है और सभी के अलग-अलग बैंकों में खाते हैं। व्यापारियों को बार-बार बैंक से कैश लाना पड़ता है। सुरक्षा की दृष्टि से खुरई रोड पर मंडी को शिफ्ट करना चाहिए।
मंडी शिफ्ट हुई, तो अस्पताल का हो जाएगा निर्माण
सिविल अस्पताल के सौ बिस्तर के भवन का निर्माण होना है, लेकिन करीब तीन साल बाद भी जमीन न मिलने से निर्माण अटका हुआ है। यदि मंडी शिफ्ट होती है, तो अस्पताल का भवन भी बन जाएगा और अन्य कार्य भी हो सकते हैं। क्योंकि शहर में अभी सब्जी मंडी को भी जमीन नहीं है, पीएम आवासों का भी निर्माण नहीं हो पा रहा है।
वेयरहाउस के सामने जमीन है खाली
बिहरना वेयरहाउस के सामने शासकीय जमीन खाली है, जहां मंडी को शिफ्ट किया जा सकता है और मंडी की जगह पर सिविल अस्पताल का निर्माण हो सकता है। इसके लिए योजना बनाई जा रही है।
रवीश श्रीवास्तव, एसडीएम, बीना