इस वर्ष शहर का 100 वां गौरव दिवस होने से भव्य होता कार्यक्रम
बीना. पिछले वर्षों में शहर का गौरव दिवस नगर पालिका में 24 अगस्त को धूमधाम से मनाया गया और इस वर्ष 100 वां गौरव दिवस था, जो भव्य तरीके से मनाया जाना था, लेकिन इस वर्ष आयोजन ना करने का निर्णय लिया है। कार्यक्रम निरस्त होने के पीछे कई कयास लगाए जा रहे हैं।
पिछले कुछ महीनों से शहर की व्यवस्थाओं और विकास को लेकर नगर पालिका पिछड़ रही है। सबसे ज्यादा किरकिरी सफाई को लेकर हो रही है और कचरा डंप करने के लिए भी व्यवस्था नहीं बन पा रही है। साथ ही एक माह से ज्यादा का समय बीत चुका है और घर-घर जाने वाली कचरा कलेक्शन की गाडिय़ां बंद हैं, जिससे शहरवासी परेशान हैं। नगर पालिका स्वच्छता के क्षेत्र में पूरी तरह फेल हो चुकी है। इसके अलावा शहर की सडक़ों में गड्ढे बन चुके हैं, आवारा मवेशी सडक़ों पर बैठे हैं। निर्माण कार्यों के टेंडर निरस्त हो रहे हैं। इन क्षेत्रों में पिछड़ी नगर पालिका इस वर्ष गौरव दिवस भी नहीं मना पा रही है। गौरव दिवस की जगह सिर्फ आज दोपहर 12 बजे शिवाजी वार्ड स्थित पानी की टंकी के पास और गांधी वार्ड में वंडर पार्क से सागर गेट तक विशेष सफाई अभियान चलाकर गांधी तिराहे पर संपन्न होगा।
अध्यक्ष और पार्षदों ने सौंपा था ज्ञापन
19 अगस्त को नगर पालिका अध्यक्ष लता सकवार और पार्षदों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा था, जिसमें उल्लेख किया गया था कि नगर में लंबे समय से व्यवस्था गड़बड़ाई हुई है। ज्ञापन में चेतावनी दी गई थी कि दो दिन में व्यवस्था न सुधरने पर गौरव दिवस मनाना संभव नहीं होगा।
नाकामियों के कारण नहीं मना पा रहे गौरव दिवस
अध्यक्ष की नाकामियों के चलते इस वर्ष गौरव दिवस नहीं मनाया जा रहा है। शहर की सफाई व्यवस्था चौपट है, सडक़ें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं, विकास कार्य रुके हुए हैं। सभी नाकामियों को छिपाने गौरव दिवस नहीं मनाया जा रहा है। साथ ही भाजपा में खींचतान भी चल रही है और एक कारण यह भी हो सकता है।
प्रशांत राय, नेता प्रतिपक्ष, नगर पालिका