मूल पंचायत के साथ दिया जा रहा अतिरक्त पंचायतों का प्रभार, न मानने पर कर दिया गया निलंबित, मानसिक रूप से किया जा रहा परेशान
बीना. ग्राम पंचायत बेलई में पदस्थ सचिव ने सोमवार की दोपहर जनपद पंचायत कार्यालय परिसर में धूप में बैठकर धरना दिया। उन्होंने अधिकारियों पर शोषण करने का आरोप लगाया है।
धूप में बैठे सचिव श्रीपाल खंगार ने बताया कि उनकी मूल पंचायत आगासौद है और उन्हें पहले ही बेलई का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, जहां रोजगार सहायक भी नहीं है, जिससे पूरा काम उन्हें संभालना पड़ रहा है। इसके बाद 19 जनवरी को धनौरा का अतिरिक्त प्रभार लेने का आदेश हुआ था। यह आदेश आने पर उन्होंने जिला पंचायत और जनपद पंचायत सीईओ को पत्र देकर पेरशानी बताते हुए अन्य सचिव को प्रभार देने की मांग की थी, जिसपर उन्हें 8 मई को निलंबित कर दिया गया। निलंबन इसलिए किया गया क्योंकि धनौरा का अतिरिक्त प्रभार नहीं लिया था। इसी के विरोध में उन्होंने जनपद पंचायत परिसर में धूप में बैठकर विरोध जताया। उनका कहना था कि अधिकारी शोषण कर रहे हैं, जो बंद होना चाहिए। कोर्ट से आदेश लेकर आएंगे, तो फिर निलंबित कर दिया जाएगा और ऐसा कब तक चलेगा। इसलिए धरना देना ही आखिरी विकल्प बचा है।
अध्यक्ष की समझाइश के बाद धरना किया खत्म
जानकारी मिलने पर दोपहर 2 बजे जनपद अध्यक्ष ऊषा राय पहुंची और अधिकारियों से बात की। इसके बाद उन्होंने सचिव को समझाइश और आश्वासन देकर धरना खत्म कराया। जनपद अध्यक्ष ने अधिकारियों से कहा कि इस संबंध में वह पहले भी निर्देश दे चुकी हैं, लेकिन इसमें बदलाव क्यों नहीं किया गया, जिसपर अधिकारियों का कहना था कि पूरी जानकारी जिला पंचायत सीईओ को भेजी गई है और वहीं से कार्रवाई की जानी है। निलंबन की कार्रवाई भी जिला पंचायत से की गई है।
जिला पंचायत से हुई है कार्रवाई
श्रीपाल राय ग्राम पंचायत बेलई में पदस्थ हैं, आगासौद में दूसरे सचिव को चार्ज दिया गया है। जिला पंचायत से उन्हें धनौरा का अतिरिक्त चार्ज देने का आदेश आया था, जिसपर उन्होंने लिखित में पत्र देकर चार्ज लेने पर असहमति जताई थी और धनौरा पंचायत में ज्वाइन नहीं किया था। यह जानकारी जिला पंचायत सीइओ को भेजी गई थी, जिसपर निलंबन की कार्रवाई हुई है।
प्रदीप पाल, सीईओ, जनपद पंचायत, बीना