दो घंटे में सुधार नहीं कर सका सीएंडडब्ल्यू स्टाफ, शताब्दी का बदला प्लेटफॉर्म, यात्री को हुई पेरशानी
बीना. बीना से ग्वालियर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन के मैनेजर कोच के ब्रेक खराब होने के बाद भी उसे बीना से ग्वालियर की ओर रवाना कर दिया गया, जबकि यह टे्रन जब सुबह दमोह से बीना आई थी, उसी समय इसकी जानकारी लग गई थी कि ट्रेन मैनेजर के कोच के ब्रेक खराब (आइसोलेट) है। दो घंटे में भी जब सीएंडडब्ल्यू स्टाफ इसे सही नहीं कर सका, तो फिर कोच की पोजिशन बदलकर उसे बीना से ग्वालियर के लिए रवाना कर दिया, जिससे ट्रेन एक घंटा लेट हो गई।
जानकारी के अनुसार 01886 दमोह-बीना पैसेंजर टे्रन शुक्रवार सुबह 10 बजकर 36 मिनट पर तीन नंबर प्लेटफॉर्म पर पहुंची थी, जो बीना से ग्वालियर जाती है। सागर से जो टे्रन मैनेजर यह टे्रन लेकर आया था, उसने जानकारी दी थी कि कोच के ब्रेक आइसोलेट हैं। इसके बाद सीएंडडब्ल्यू स्टाफ ने उसमें सुधार कार्य किया, लेकिन वह ब्रेक को सही नहीं कर सके। इसके बाद बीना से ग्वालियर जाने के लिए ट्रेन का समय हुआ तो पता चला कि ट्रेन मैनेजर के कोच के ब्रेक को सही नहीं किया जा सका है और आनन-फानन में कोच की पोजिशन को बदला गया। पहले यह कोच इंजन से जुड़कर लगा था, लेकिन गुना से ग्वालियर जाते समय इस टे्रन के इंजन को फिर बदलना पड़ता है, जिससे एक बार फिर यह कोच सबसे पीछे हो जाता, जिससे बिना ब्रेक सपोर्ट के नहीं चलाया जा सकता था। यदि इस स्थिति में यह कोच ट्रेन से अलग हो जाए, तो वह ट्रैक पर रुक नहीं सकता था। इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से शंटिंग करते हुए इस कोच को इंजन के बाद दो जनरल कोच के बाद तीसरे नंबर पर लगाया गया। ताकि गुना में इंजन बदलने पर भी ट्रेन मैनेजर का कोच सबसे पीछे न रहे। इस दौरान टे्रन दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर नहीं चलाई जा सकी और शंटिंग में समय खराब होने के बाद दोपहर 1 बजकर 17 मिनट पर बीना स्टेशन से ग्वालियर के लिए रवाना की गई।
बदलने पड़े दो ट्रेनों के प्लेटफॉर्म
इस दौरान तीन नंबर प्लेटफॉर्म पर बीना-ग्वालियर पैसेंजर खड़ी होने के कारण नईदिल्ली से रानी कमलापति जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस को तीन की बजाए दो नंबर प्लेटफॉर्म पर लिया गय। वहीं, ग्वालियर-भोपाल इंटरसिटी एक्सप्रेस को भी तीन की बजाए एक नंबर प्लेटफॉर्म पर लिया गया, जहां से उन्हें भोपाल की ओर रवाना किया गया।