अपर कलेक्टर कार्यालय में तैनात भृत्य ने बुधवार दोपहर जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जान दे दी।
सागर. अपर कलेक्टर कार्यालय में तैनात भृत्य ने बुधवार दोपहर जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जान दे दी। इससे पहले परिजन उसे गंभीर हालत में उपचार के लिए जब मेडिकल कॉलेज लेकर जा रहे थे, तभी रास्ते में उसकी सांस थम गई और बीएमसी में डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस आत्महत्या की वजह के संबंध में पड़ताल कर रही है।
मोतीनगर टीआई अनिल सिंह मौर्य ने बताया वर्धमान कॉलोनी निवासी लवकुश सोनी पुत्र गुलाब चंद सोनी (५५) एडीएम कार्यालय में भृत्य के रूप में कार्यरत था। बुधवार दोपहर करीब २ बजे उसने घर पर किसी बात को लेकर विषैला पदार्थ खा लिया। हालत बिगडऩे पर परिजन उसे तुरंत मेडिकल कॉलेज लेकर भागे लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही लवकुश की मौत हो गई। डॉक्टर ने जांच के बाद शव को मर्चुरी भेजकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराते हुए शव परिजनों को सौंपकर आत्महत्या की वजह के संबंध में जांच शुरू कर दी है।
मिलनसार था लवकुश
बताया जाता है कि लवकुश सोनी मिलनसार स्वभाव का था और लंबे समय से कलेक्टर कार्यालय में कार्यरत था। हाल में उसकी तैनाती एडीएम ऑफिस में थी। बीमार पत्नी के उपचार पर काफी रुपया खर्च होने से लवकुश सोनी पर कर्ज चढ़ गया था। एडीएम ऑफिस में उसके साथी कर्मचारियों के अनुसार लवकुश कर्ज को लेकर परेशान तो था लेकिन उसने किसी को इसके बारे में नहीं बताया था। वह पिछले कुछ दिनों से ऑफिस भी नहीं आ रहा था।
इधर, कर्मचारी बोला: वेतन नहीं मिला तो आज कर लूंगा आत्मदाह
सागर. जिले में स्वास्थ्य विभाग के अधीन तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को तीन माह से वेतन नहीं मिला है। अब सीएमएचओ कार्यालय में पदस्थ एक कर्मचारी ने इससे परेशान होकर आत्मदाह करने की चेतावनी दे डाली है। बुधवार को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी चंद्रशेखर रजक ने शर्ट उताकर काम किया और अपनी नाराजगी जाहिर की।
पीडि़त ने बताया कि बताया कि उसे डेढ़ महीने से वेतन नहीं मिला है। इससे आर्थिक स्थिति खराब हो रही है। रजक ने कहा कि यदि गुरुवार को उसे वेतन नहीं मिलता है तो वह सीएमचओ चेंबर में आत्मदाह करेगा। इस मामले में सीएमचओ डॉ. इंद्राज सिंह ने बताया कि बजट न मिलने से कर्मचारियों के वेतन का भुगतान नहीं हो पा रहा है।