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किसानों को फसल खरीदी के लिए दी जा रही तारीख पर तारीख, किसानों को फिल्म का हिस्सा न समझे सरकार-इंदर सिंह

कांग्रेस ने मंडी में फैली अव्यवस्थों को लेकर किया प्रदर्शन, नरवाई जलाने पर हो रही किसानों पर एफआइआर और उर्वरक इ-टोकन व्यवस्था का किया विरोध

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Farmers are being given date after date for crop procurement; the government should not treat them as part of a film: Inder Singh

किसानों को संबोधित करते हुए किसान नेता। फोटो-पत्रिका

बीना. मंडी में फैली अव्यवस्थाओं व खरीदी केन्द्रों पर फसल की खरीदी शुरू न होने से किसानों को हो रही परेशानियों को लेकर बुधवार को कांग्रेस ने किसानों के साथ मिलकर मंडी में प्रदर्शन किया। इस दौरान सभी कांग्रेसियों ने सरकार को जमकर कोसा और अधिकारियों से मंडी में व्यवस्था बनाने के लिए कहा।

इस दौरान किसान नेता इंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि किसानों के साथ मंडी में कोई धोखाधड़ी नहीं होना चाहिए। उनकी फसल का उचित दाम उन्हें मिलना चाहिए। किसानों के लिए कोई भी तकलीफ न हो इसके लिए व्यवस्थाएं सुधारीं जाएं, क्योंकि किसान बाहर से भी मंडी में फसल बेचने के लिए आते हैं, व्यापारी किसानों को परेशान न करें। इतना ही नहीं व्यापारी बीच में डाक बंद न करें, क्योंकि किसान दो-दो दिन मंडी में पड़े रहते हैं। यदि व्यापारी मंडी बंद करते हैं तो इसकी सूचना पहले दी जाए। उन्होंने मांग की है कि किसान मंडी के अंदर आ जाएं, तो उनकी डाक की जाए। उन्होंने कहा कि किसान यदि सरकार बना सकते हैं, तो सरकार गिरा भी सकते हैं। सभी ने मांग की है कि दो दिन के अंदर चना, मसूर की सोसायटी में तुलाई शुरू की जाए, नहीं तो मंडी बंद कर देंगे। प्रदर्शन करने वालों में धर्मराज पाल, अर्पित, बहादुर, कमल, खेमा, बबलू, नसीम खां, गोलू, विवेक, गजराज, आकाश सिंह, तुलाराम सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।

सरकार वोट बैंक के लिए करती है किसानों का उपयोग

शहर कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने कहा कि सरकार किसानों के साथ छलावा कर रही है। सरकार वोट बैंक लिए किसानों का उपयोग करती है, जब बात किसानों के हक की बात आती है तो वह बात से मुकर जाती है। सरकार ने चुनाव के समय 2700 रुपए में गेहूं खरीदने की बात कही थी, लेकिन उस वादे को पूरा नहीं किया है। कभी सरकार बारदाना न होने से पंजीयन नहीं कराती है तो कभी खरीदी में देरी इसलिए करती है, ताकि किसान मंडी में फसल बेंच दें और उन्हें समर्थन मूल्य पर खरीदी न करना पड़े। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्या के समाधान के लिए कभी यहां विधायक व सांसद नहीं आते हैं क्योंकि उन्हें किसानों की चिंता नहीं हैं। उन्हें केवल रिफाइनरी व जेपी से कमाई की चिंता रहती है। रामकिशन अहिरवार ने कहा कि किसान परेशान हैं, विधायक जीतने के पहले किसानों के पक्ष में बात करती थीं, लेकिन उसके बाद से उनका कोई अता-पता नहीं हैं। किसान खेत से लेकर मंडी तक रो रहा है।

किसानों पर एफआइआर और उर्वरक इ-टोकन व्यवस्था का किया विरोध

कांग्रेस ने शासन द्वारा किसान हित में लिए गए दो निर्णयों के विरोध में कलेक्टर के नाम नायब तहसीलदार हेमराज मैहर को ज्ञापन सौंपा, जिसमें मांग की है कि पराली प्रबंधन के तहत पराली जलाने पर एफआइआर दर्ज करने का निर्णय गलत हैं। किसानों का तर्क है कि बिना पूरी तैयारी, प्रशिक्षण और यंत्रों की उपलब्धता के भोले-भाले किसानों को अपराधियों की श्रेणी में खड़ा करना अनुचित है। वहीं उर्वरक वितरण के लिए इ-टोकन व्यवस्था को भी भी उन्होंने लगत ठहराया है। उनका कहना है कि इस व्यवस्था में अनिवार्य फॉर्मर आइडी का काम अभी शत-प्रतिशत पूरा नहीं हुआ है। इसके अलावा कृषि खातों वाले, नौकरी या रोजगार के लिए क्षेत्र से बाहर रह रहे किसानों और एक से अधिक तहसील या जिलों में भूमि वाले किसानों की रजिस्ट्री में समस्याएं आ रही हैं। किसानों ने इन दोनों निर्णयों को पूरी तैयारी होने तक स्थगित करने की मांग की है।

यह मांगे भी रखीं मंडी प्रबंधन से

  • मंडी प्रांगण में किसानों को पीने के पानी के लिए दो ठेले शुरू किए जाएं
  • डाक नीलामी की हो वीडियोग्राफी
  • सुरक्षा गार्ड ट्रॉली व्यवस्था कराएं व ड्रेस में रहें
  • डाक नीलामी सक्षम अधिकारी की उपस्थिति में हो
  • डाक नीलामी समर्थन मूल्य के आधार पर हो
  • किसान की तौल धर्मकांटे से कराई जाए
  • खेत में लगी ट्रॉलियों की सुरक्षा के लिए कैमरे लगाए जाएं
  • धर्मकांटा तौल में किसी प्रकार की कटौत्री नहीं होनी चाहिए।