बीना. रबी सीजन की फसलों की थ्रेसिंग शुरू होते ही भूसा व्यापारी खेत-खेत जाकर खरीदी करने लगे हैं। यहां से भूसा खरीदी कर दूसरे राज्यों और शहरों में भेजा जा रहा है। क्षेत्र का भूसा बाहर जाने से आने वाले दिनों में किल्लत होगी और फिर पशुपालकों को महंगे दामों पर भूसा खरीदना पड़ेगा।भूसा व्यापारियों […]
बीना. रबी सीजन की फसलों की थ्रेसिंग शुरू होते ही भूसा व्यापारी खेत-खेत जाकर खरीदी करने लगे हैं। यहां से भूसा खरीदी कर दूसरे राज्यों और शहरों में भेजा जा रहा है। क्षेत्र का भूसा बाहर जाने से आने वाले दिनों में किल्लत होगी और फिर पशुपालकों को महंगे दामों पर भूसा खरीदना पड़ेगा।
भूसा व्यापारियों द्वारा अभी तीन रुपए से साढ़े सात रुपए किलो तक अलग-अलग फसलों का भूसा खरीदा जा रहा है। कुछ यहीं स्टॉक कर रहे हैं, तो कुछ जोधपुर, इंदौर, नागपुर, मथुरा आदि जगहों पर महंगे दामों पर भूसा बेचने भेज रहे हैं। दूसरी जगह भूसा भेजे जाने से कुछ दिनों बाद ही भूसा की किल्लत शुरू हो जाती है और फिर पशुपालकों को महंगे दामों पर भूसा खरीदना पड़ता है या फिर मिलता ही नहीं है। इस ओर अधिकारियों द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पिछले वर्ष कलेक्टर द्वारा क्षेत्र का भूसा दूसरे राज्यों में भेजे जाने पर रोक भी लगाई गई थी, लेकिन इस वर्ष अभी तक आदेश जारी नहीं किया गया है, जिसका लाभ भूसा व्यापारी उठा रहे हैं।
गोशालाओं में आ जाता है भूसा का संकट
क्षेत्र सहित आसपास संचालित गोशालाओं में भी भूसा का संकट आ जाता है और दाम इतने ज्यादा हो जाते हैं कि मिलने वाली राशि में भूसा खरीदना मुश्किल हो जाता है।
दूध के बढ़ रहे दाम
भूसा के दाम बढऩे से दूध के दामों में भी लगातार इजाफा हो रहा है, जिससे लोगों के किचन का बजट बिगड़ रहा है। यदि क्षेत्र का भूसा बाहर न भेजा जाए, तो पर्याप्त मात्रा में सस्ते दामों पर पशुपालकों को भूसा मिलता रहेगा।
नहीं आया आदेश
भूसा को लेकर अभी कोई आदेश नहीं आया है। आदेश आते ही कार्रवाई शुरू की जाएगी।
विजय डेहरिया, एसडीएम, बीना