
बीना. झांसी रेलवे गेट और नई सब्जी के पास बनाए गए ओवब्रिज को आवागमन के लिए खोल दिया गया है, लेकिन यहां प्रकाश की व्यवस्था नहीं की गई है। शाम ढलते ही ब्रिजों पर अंधेरा पसर जाता है और यहां से निकलने वाले राहगीरों को डर बना रहता है।
झांसी गेट के ब्रिज को शुरू हुए करीब छह माह हो गए हैं, लेकिन प्रकाश की व्यवस्था नहीं हो पाई है। यहां ठेकेदार ने खंभे तो खड़े कर दिए हैं, लेकिन लाइट चालू नहीं की है। यह ब्रिज तीन वार्डों को शहर से जोड़ता है और रात के समय महिला, पुरुष भी यहीं से पैदल निकलते हैं। अंधेरा होने के कारण घटना घटित होने का डर बना रहता है। कुछ दिनों पूर्व गांधी वार्ड से बायपास रोड को जोडऩे वाला ब्रिज भी चालू कर दिया गया है, लेकिन यहां प्रकाश की व्यवस्था नहीं की गई है। ठेकेदार ने अभी तक यहां खंभे भी खड़े नहीं किए हैं। अंधेरा होने के कारण यहां असामाजिक तत्व पनपते हैं। शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे किसी दिन बड़ी घटना होने का अंदेशा है। साथ ही इस ब्रिज पर ऊपर टी आकार दिया गया है, जहां रात के समय दुर्घटना हो सकती है। इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। लोगों द्वारा भी प्रकाश की व्यवस्था करने की मांग भी की जा रही है।
प्रकाश की व्यवस्था करनी थी पहले
राकेश सेन ने बताया कि ब्रिज चालू करने के पहले प्रकाश की व्यवस्था की जानी थी, जिससे यहां से निकलने वाले लोगों को खतरा नहीं रहता। झांसी गेट वाले ब्रिज पर खंभे, तो खड़े कर दिए गए है, लेकिन लाइट चालू नहीं हुई है, जो जल्द से जल्द चालू की जाए।