हड़ताल खत्म नहीं हुई तो जरूरी वस्तुएं भी नहीं आएंगी, होगी मुश्किल।
सागर. ट्रक ट्रांसपोर्ट मोटर कांग्रेस के राष्ट्रीय आह्वान पर दूसरे दिन भी जिले में ट्रकों के पहिए थमे रहे। दो दिन से जारी हड़ताल के कारण जिले में करीब 80 करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ है। ट्रकों हड़ताल के कारण शनिवार को भी माल की बुकिंग नहीं हुई।
वहीं कानपुर मंडी से शहर में आलू आता है, लेकिन शनिवार को इसकी खेप नहीं आई। मंडी से जुड़े व्यापारियों की मानें तो हड़ताल इसी तरह जारी रही तो आलू, प्याज और टमाटर के दाम फिर से बढ़ेंगे। वहीं, बाहर से आने वाले सभी प्रकार के फलों की कीमतों का बढऩा तय है।
इमरजेंसी सेवाओं में का भी परिवहन रुक सकता है
हड़ताल का सबसे बुरा असर सोमवार को देखने मिल सकता है। यदि हड़ताल जारी रही तो इमरजेंसी सेवाओं में आने वाली दवाएं, दूध और फल-सब्जी का भी परिवहन रुक सकता है। ट्रक ट्रांसपोर्ट मालिक महासंघ के प्रवक्ता एवं सचिव नीरज जैन ने बताया कि सोमवार से इन्हें भी हड़ताल में शामिल कर लिया जाएगा।
2017 से लंबित मांगों को पूरा करने की मांग की थी
सागर ट्रक-ट्रांसपोर्ट मालिक महासंघ और ट्रक ट्रांसपोर्ट मालिक एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को पीएम के नाम सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर वर्ष 2017 से लंबित मांगों को पूरा करने की मांग की थी। मांगों में मुख्यत: पट्रोल-डीजल के दाम को जीएसटी में लागू करना, टोल बेरियल समाप्त करन, आयकर की धारा 44 के ए ई में संशोधन करने आदि शामिल हैं।
बीते दो दिन से शहर में नहीं आए नारियल
ट्रकों की हड़ताल के कारण बीते दो दिन से शहर में नारियल भी नहीं आया है। तिली क्षेत्र में मरीजों के परिजन शनिवार को दुकानों पर नारियल खोजते रहे, लेकिन दुकानदारों का कहना था कि हड़ताल के कारण ट्रक जहां थे, वहीं खड़े हैं, ऐसे में नारियल की आवक नहीं हो रही है। वहीं आम की आवक में भी कमी आई है।