
बीना. ग्राम बसाहरी में खेत की फेंसिंग में फैले करंट की चपेट में आने से हुई दो लोगों की मौत ने दो परिवारों को गहरे संकट में डाल दिया है। दोनों मृतक अपने-अपने परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे। हादसे के बाद पुलिस ने शुक्रवार को घटनास्थल का निरीक्षण कर पूरे घटनाक्रम की जांच की और पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।
घटनास्थल का निरीक्षण कर करंट फैलने के कारणों और दोनों लोगों के वहां तक पहुंचने की परिस्थितियों की जांच की। पुलिस के अनुसार परिजनों के बयान दर्ज होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम करीब सात बजे प्रवेश पिता सींगालाल मोंगिया (48), निवासी पथरिया जेगन, शौच के लिए जा रहे थे। इसी दौरान खेत की फेंसिंग में फैले करंट की चपेट में आ गए। उन्हें बचाने के प्रयास में विकास पिता हंजूगीं मोंगिया (28), निवासी खोजाखेड़ी तलापार, भी तार के संपर्क में आ गया। करंट लगने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों शवों का पीएम कराने के बाद उन्हें अंतिम संस्कार के लिए परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। गांव में पूरे दिन शोक का माहौल बना रहा। इसी जगह एक गाय की भी करंट के संपर्क में आने से मौत हुई थी।
आजीविका का संकट
इस हादसे ने दोनों परिवारों के सामने आजीविका का बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। विकास मोंगिया अपने पीछे पत्नी, तीन बेटे और एक बेटी को छोड़ गए हैं, पत्नी गर्भवती है, ऐसे में परिवार की जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं। वहीं, प्रवेश मोंगिया के परिवार में भी चार बच्चे हैं, जिनके पालन-पोषण की जिम्मेदारी अब परिवार के अन्य सदस्यों पर आ गई है।
तंबू लगाकर रहते हैं परिवार
दोनों परिवार तंबू लगाकर रहने वाला घुमंतू समुदाय से जुड़े हैं और गांव-गांव जाकर घरेलू सामान बेचकर अपना जीवनयापन करते थे। परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्यों की अचानक मौत से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। बच्चे छोटे-छोटे हैं और पूरी जिम्मेदारी महिलाओं के उपर आ गई है। परिवार के सदस्यों ने लापरवाही से हुई मौत में शासन से सहायता राशि दिलाए जाने की मांग की है, जिससे वह अपना भरण-पोषण कर सकें।