सागर

रहवासी क्षेत्र में गोदाम: इनमें भरा है तेल, कपड़ा, केमिकल जैसा ज्वलनशील सामान

नपा अधिकारियों को नहीं जानकारी, आसपास रहने वाले लोगों को हमेशा बना रहता है खतरा

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Oct 23, 2025
कॉलोनी में जाने वाली सड़क पर बनीं गोदाम

बीना. शहर में कई व्यापारी नियमों को ताक पर रखकर रहवासी क्षेत्र में बड़े-बड़े गोदाम बनाकर सामान का स्टॉक कर रहे हैं, लेकिन नगर पालिका अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है। इस संबंध में अभी तक कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है। जबकि गोदामों के कारण आसपास रहने वाले लोग परेशान हैं और आग लगने पर बड़ी घटना का अंदेशा बना रहता है।
जानकारी के अनुसार गोदाम बनने के लिए टॉउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग और नगर पालिका से अनुमति लेनी होती है। साथ ही रहवासी क्षेत्र में इसकी अनुमति नहीं मिलती है। इसके बाद भी तेल, कपड़ा, सेनेटरी, पाइप, किराना, जूता-चप्पल, डिस्पोजल, बारदाना सहित अन्य सामग्री के गोदाम बनाए गए हैं। शहर के राजीव गांधी वार्ड, वीरसावकर वार्ड, चंद्रशेखर वार्ड, गांधी वार्ड आदि जगहों पर गोदाम बने हुए हैं। स्थानीय लोगों द्वारा कई बार इसका विरोध भी किया जाता है, लेकिन फिर भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। नगर पालिका के पास यह जानकारी भी नहीं है कि कितनी गोदामें रहवासी क्षेत्र में बनाई गई हैं।

आग लगने पर काबू पाना मुश्किल
यदि गोदाम में आग लग जाए, तो उसपर काबू पाना मुश्किल हो जाता है, कई जगह तो ऐसी हैं, जहां दमकल गाड़ी पहुंचना भी मुश्किल होता है। क्योंकि रास्ते संकरे हैं। दिवाली की रात राजीव गांधी वार्ड स्थित एक गोदाम में आग लगने से आसपास रहने वाले लोग दहशत में आ गए थे। यदि आग पर समय पर काबू नहीं पाया जाता, तो कई मकान चपेट में आ जाते। इसी तरह कुछ वर्ष पूर्व एक कबाड़ा गोदाम में आग लगी थी, जिससे बड़ा हादसा टला था।

वाहन खड़े होने से लोगों को निकलने में परेशानी
गोदामों के सामने लोडिंंग-अनलोडिंग के लिए वाहन खड़े होने पर लोगों को निकलने में परेशानी होती है। कई बार विवाद की स्थिति निर्मित होती है। इसकी शिकायत भी लोगों द्वारा की जाती है, लेकिन कार्रवाई कुछ नहीं होती।

कराएंगे जांच
यदि रहवासी क्षेत्र में गोदाम हैं, तो उसकी जांच कराएंगे। गोदाम के लिए अनुमति ली गई है या नहीं इसकी भी जानकारी ली जाएगी।
राहुल कौरव, सीएमओ, बीना

Published on:
23 Oct 2025 11:48 am
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