सुसाइट नोट में 3 आरोपियों के नाम लिखकर कर्जा के लेनदेन की बात कही
सागर. सिविल लाइन थाना अंतर्गत शहर से लगे सिरोंजा गांव में एक सरकारी शिक्षक और उसकी पत्नी का शव फंदे पर लटका मिला। शव के पास से एक सुसाइट नोट भी मिला जिसमें 3 आरोपियों के नाम का उल्लेख करते हुए शिक्षक दंपत्ती ने आत्महत्या की वजह कर्ज और उसके ब्याज का लेनदेन बताया है।सिविल लाइन थाना प्रभारी लखनलाल उइके ने बताया कि केसली के जनकपुरी में सरकारी शिक्षक 54 वर्षीय रामविशाल पुत्र धरमदास शुक्ला मूलत: केसली के टंकी मोहल्ला निवासी थे। सिरोंजा में उनका एक मकान था जिसे वह राजाराम गौंड नाम के व्यक्ति को बेच चुके थे। लेकिन सिरोंजा के मकान की चाबी अभी भी उनके पास थी और आते-जाते रहते थे। मंगलवार की सुबह सूचना मिली कि रामविशाल और उनकी 48 वर्षीय पत्नी वंदना का शव सिरोंजा स्थित मकान में अलग-अलग फंदे पर लटका है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। घटना स्थल का मुआयना किया गया। तो मृतक रामविशाल शुक्ला के पास से एक सुसाइट नोट मिला। जिसमें लिखा था कि सिरोंजा के महेंद्र सिंह और योगेंद्र सिंह व राजाराम नाम के किसी व्यक्ति से उनका पैसों का लेनदेन था। उन्होंने आरोपियों से कर्ज लिया था और ब्याज को लेकर आरोपी परेशान कर रहे थे।
थाना प्रभारी लखनलाल उइके ने कहा कि मकान के दरवाजे खुले हुए थे और शव दो फंदों पर लटके थे। घटना सुबह 7.30 से 9 बजे के बीच की हो सकती है। फिलहाल सुसाइट नोट की भी जांच की जा रही है कि सुसाइट नोट रामविशाल शुक्ला ने ही लिखा था कि नहीं। दोनों शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। सोसाइट नोट में जिनके नाम लिखे हैं उनसे भी पूछताछ की जाएगी।
शिक्षक दंपत्ती की नहीं थी संतान-
प्रारंभिक पूछताछ में जब पुलिस ने मृतकों के परिजनों से चर्चा की तो पता चला कि शिक्षक दंपत्ती व्यवहार कुशल थे। शादी के लंबे समय बाद भी उन्हें कोई संतान नहीं थी।