
देवरीकलां. महाराजपुर थाना अंतर्गत एक ग्राम की महिला को कुछ रुपयों की लालच में उसके अपने पति व अन्य ससुरालीजनों ने बेच दिया। शादी के ग्यारह साल बाद हुए इस हादसे के बाद महिला किसी तरह खरीदार से बची तो पुलिस में जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई।
इस महिला ने महाराजपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई उसका विवाह 11 साल पहले हुआ था। एक बेटा व बेटी भी है। मैं 7 मई को जब खेत से वापस आ रही थी तभी रास्ते में मेरे पति, जेठ व जेठानी एवं गांव का ही रहने वाला एक व्यक्ति बैठे दिखाई दिए। मेरा पति, जेठ शराब के नशे में थे। इसी दौरान सीताराम अहिरवार निवासी नाहरमऊ, नत्थू अहिरवार, उसके रिश्तेदार देवेंद्र अहिरवार एवं हीरालाल अहिरवार आए और कपाराम अहिरवार से बात करने लगे। उन्होंने 20,000 रुपए दिए। जिसे कपाराम अहिरवार व जेठानी ने आपस में दस-दस हजार रुपए बांट लिए। इसके बाद सीताराम मुझे बाइक पर बैठाकर ग्राम खकरिया तक छोड़ आया था इसके बाद ग्राम नाहरमऊ में ले जाकर एक कमरे में बंद कर दिया। वह लगातार दुराचार करता रहा।
इस घटना की जानकारी मिलने के बाद तलाशते हुए उसके पिता व भाई नाहरमऊ पहुंचे जिन्हें देख महिला घर से बाहर निकली और आपबीती उन्हें सुनाई। इसके बाद परिजनों द्वारा डायल १०० को जानकारी एवं महाराजपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी शिवप्रसाद अहिरवार, प्रहलाद अहिरवार, सरोज बाई अहिरवार, कपाराम अहिरवार, नत्थू अहिरवार, सीताराम अहिरवार, देवेंद्र अहिरवार एवं हीरालाल अहिरवार के खिलाफ धारा 366, 365, 368, 342, 376 का मामला दर्ज कर सभी को गिरफ्तार कर आदेश के आदेश पर जेल भेज दिया। थाना प्रभारी हरिराम मानकर ने बताया कि 7 मई को महिला को बेचने का मामला आया था, जिसमें पांच लोग शामिल थे।
देशी शराब की दुकानों पर बिक रही अंग्रेजी शराब
महाराजपुर. लाइसेंस प्राप्त देशी शराब की दुकानों पर अंग्रेजी शराब की बिक्री की जा रही है। कई जगह अवैध शराब का कारोबार भी फलफूल रहा है। लेकिन इसके बाद आबकारी विभाग के जिम्मेदार अफसरों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। महिलाओं का घर से निकलना भी दूभर हो गया है। नशे की हालत में लोग महिलाओं एवं युवतियों पर फब्तियां व छेड़खानी करते हैं। जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। लक्ष्मीबाई ने बताया यहां अवैध शराब की बिक्री के चलते इस प्रकार की कई घटनाएं हो चुकी हैं। लोगों द्वारा विरोध करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। अनिल अवस्थी, अखिलेश मिश्रा, संजय ठाकुर ने बताया शराब के ठेके पर देशी अथवा अंग्रेजी शराब आसानी से उपलब्ध हो जाती है। यह शराब दुकान राजनीतिक पार्टी के एक नेता की है। जिससे आबकारी विभाग के अफसर व पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है।