गणेश चतुर्थी सागर. माघ मास की गणेश चतुर्थी पर केसरवानी समाज की महिलाओं द्वारा भगवान श्रीगणेश का पूजन करने के लिए तिल का पहाड़ बनाने की परंपरा है। नीतू केसरवानी ने बताया कि सदर स्थित 8 मुहाल में उनके निवास पर समाज की महिलाओं ने एकत्रित होकर पूजन की, जिसमें बच्चों के लिए दिनभर व्रत […]
गणेश चतुर्थी
सागर. माघ मास की गणेश चतुर्थी पर केसरवानी समाज की महिलाओं द्वारा भगवान श्रीगणेश का पूजन करने के लिए तिल का पहाड़ बनाने की परंपरा है। नीतू केसरवानी ने बताया कि सदर स्थित 8 मुहाल में उनके निवास पर समाज की महिलाओं ने एकत्रित होकर पूजन की, जिसमें बच्चों के लिए दिनभर व्रत रखकर शाम को चंद्रोदय के समय सवा पाव काले तिल का पहाड़ बनाकर पूजा कर भगवान चंद्र देव को अर्घ्य देकर व्रत पूर्ण किया जाता है।
सागर. देव धनेश्वर महादेव मंदिर में संकटी चतुर्थी पर भगवान गणेश को 5 किग्रा तिल से बने पकवानों का भोग लगा। पुजारी पंकज पंडा ने बताया कि सुबह 5 नदियों के जल से विघ्नहर्ता का जलाभिषेक किया गया। शाम को पुष्पों से विशेष श्रृंगार कर डमरू दल द्वारा आरती कर भक्तों में प्रसादी का वितरण की गई।