सहारनपुर

सावधानः उफनती यमुना में अब हथनीकुंड बैराज से छाेड़ा गया 6 लाख क्यूसेक पानी, दिल्ली पर बढ़ा खतरा

लगातार बरसात के बाद यमुना खतरे के निशान से ऊपर है। बावजूद इसके हथनीकुंड बैराज से यमुना में छाेड़े जाने वाले पानी का मीटर बढ़ रहा है।

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yamuna nadi

सहारनपुर।

यमुना लगातार उफान पर है। जलस्तर खतरे के निशान काे पार कर गया है आैर यमुना में हथनीकुंड बैराज से छाेड़े जाने वाली पानी का मीटर भी बढ़ता जा रहा है। शनिवार सुबह हथनीकुंड बैराज से यमुना नदीं में ढाई लाख क्यूसेक पानी छाेड़ा गया था लेकिन शाम तक ग्राफ छह लाख क्यूसेक के ग्राफ काे छू गया। इससे दिल्ली में बाढ़ जैसे हालाताें का खतरा आैर बढ़ गया है। बतादें कि, यमुना में हथनीकुंड बैराज से राेजाना छाेड़े जाने वाले पानी का स्तर लगातार बढ रहा है। एेसे में सवाल यह है कि जब यमुना उफान पर है ताे नदी में छाेड़े जाने वाले पानी का स्तर लगातार क्याें बढ़ाया जा रहा है ? इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है। हथनीकुंड से पानी छाेड़ने वाले सिंचाई विभाग के अफसराें का यही कहना है कि पहाड़ी इलाकाें से लगातार पानी का स्तर बढ़ रहा है आैर ऊपर से आने वाले पानी काे बैराज पर एक सीमा तक ही राेका जा सकता है। यही कारण है कि, यमुना में पानी छाेड़ना मजबूरी है। यदि यमुना में पानी नहीं छाेड़ा गया ताे हथनीकुंड बैराज खतरे में आ सकता है। एेसे में यमुना में पानी छाेड़ा जा रहा है। हरियाणा के हिस्से के बाद जाे पानी बच रहा है उसे यमुना में ही छाेड़ा जा रहा है। यहां हम आपकाे बता दें कि हथनीकुंड बैराज से पानी हरियाणा आैर उत्तर प्रदेश के साथ-साथ दिल्ली के पानी का बंटवारा हाेता है। गर्मियाें के दिनाें में यहां दाेनाें प्रदेशाें के बीच पानी के हिस्सेदारी काे लेकर विवाद रहता है आैर दाेनाें प्रदेश पानी की अधिक मांग करते हैं लेकिन पिछले तीन दिनाें से हालात बिल्कुल बदले हुए हैं यहां दाेनाें प्रदेशाें के बीच विवाद कम पानी काे लेकर है। इसका कारण यह है कि यहां जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है।

आईए जाने तीन दिन में हथनीकुंड बैराज से यमुना में डाले जाने वाले पानी का ग्राफ कैसे बदल रहा है

गुरुवार काे सहारनपुर के हथनीकुंड बैराज से यमुना नदीं में 1.40 लाख क्यूसेक पानी छाेड़ा गया था। यह बरसात का पहला दिन था इसके बाद भी जब बरसात लगातार जारी रही ताे दूसरे दिन शुक्रवार काे हथनीकुंड बैराज से 1.50 लाख क्यूसेक पानी का छाेड़ा गया। यह गुरुवार काे छाेड़े गए पानीे से दस हजार क्यूसेक अधिक था। उम्मीद जताई जा रही थी कि बरसात बंद हाे जाएगी लेकिन एेसा नहीं हुआ आैर तीसरे दिन शनिवार काे बरसात आैर अधिक तेज हाे गई। अब शनिवार सुबह हथनीकुंड बैराज से यमुना नदीं में 2.50 लाख क्यूसेक पानी छाेड़ा गया है। यह मात्रा काफी अधिक थी लेकिन शाम हाेने तक ग्राफ 5 लाख काे पार गया आैर देर शाम तक जलस्तर 6 लाख क्यूसेक तक जा पहुंचा। इतनी बड़े पैमाने पर यमुना में पानी छाेड़े जाने के बाद अब यमुना किनारे बसे गांवाें में भी अलर्ट कर दिया गया है। इससे दिल्ली पर खतरा बढ़ गया है।

Published on:
28 Jul 2018 10:36 pm
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