
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क।
फिल्म सिटी ( film city ) के बाद अब यूपी सरकार ( UP government ) ने लोक कलाकारों के लिए बड़ा कदम उठाया है। सभी प्रादेशिक स्तर के लोक कलाकारों को सांस्कृतिक विभाग से जोड़े जाने के लिए ई-डायरेक्टरी लांच की गई है। सांस्कृतिक विभाग की ओर से इस ई-डायरेक्टरी का एक लिंक भी शेयर किया है जिसके माध्यम से कलाकार खुद अपना पंजीकरण इस डायरेक्टरी में करा सकेंगे।
सांस्कृतिक विभाग के निदेशक शिशिर ने बताया कि याेजना ( Government scheme ) के तहत प्रदेश भर के प्रतिष्ठित कलाकारों और लोक कलाकारों को प्रमोशन देने के लिए यह योजना बनाई गई है। उन्हाेंने यह भी बताया कि सांस्कृतिक विभाग की वेबसाइट पर जिन कलाकारों का पंजीकरण हो जाएगा उन्हें सरकार की ओर से भी कार्यक्रम दिए जाएंगे। समय-समय पर होने वाले सरकारी कार्यक्रमों के लिए उन कलाकारों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनका पंजीकरण इस डायरेक्टरी पर होगा। इसके लिए सभी जिलों पर उपनिदेशक सूचना और जिला सूचना अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है ताकि लोक कलाकारों से संवाद सरल हो सके।
उन्होंने यह भी बताया है कि सभी इच्छुक कलाकार और प्रतिभाएं अपना पंजीकरण यूपी कल्चर डॉट यूपी डॉट एनआईसी डॉट इन वेबसाइट पर बनाई गई ई-डायरेक्टरी में अपना पंजीकरण करा लें। जाे लाेक कलाकार अपना पंजीकरण इस साइट पर करा लेंगे उन्हें सरकारी कार्यक्रमों को करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
यह भी होगा लाभ
लॉकडाउन के बाद देशभर में रोजगार कम हुए हैं और ऐसे में कलाकारों के लिए भी चुनौतियां कम नहीं हैं। प्रादेशिक कलाकारों को रोजगार देने के उद्देश्य से सरकार ने यह कदम उठाया है। इस योजना के तहत प्रदेशभर में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उन प्रादेशिक कलाकारों को वरीयता दी जाएगी जो अपना पंजीकरण इस वेबसाइट पर करा लेंगे।
सरकारी कार्यक्रमों के अलावा सांस्कृतिक विभाग इन प्रादेशिक लोक कलाकारों का प्रमोशन भी करेगा। इन कलाकारों को प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जाएगी। सरकार के इस कदम से लोक कलाकारों में खुशी है और उन्होंने सांस्कृतिक विभाग और सरकार को इस प्रोग्राम के लिए धन्यवाद दिया है।