यूपी में 4 से 5 लाख रुपये कीमत में बेचे जा रहे हैं बच्चे, पूछताछ में हुआ ये सनसनीखेज खुलासा
सहरानपुर।
अगर आपका बच्चा छोटा है तो सावधान रहिएगा, उत्तर प्रदेश और इससे सटे राज्यों में मानव तस्कर सक्रिय हैं। यह हिदायत यूं ही नहीं दी जा रही, दरअसल सहारनपुर में पकड़े गए दो बच्चा चोरों ने यह सनसनीखेज खुलासा किया है। इन दोनों ने हरियाणा के पानीपत से घर के बाहर खेल रहे बच्चे को उठा लिया था और इस बच्चे को करीब ₹500000 में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में बेचने के प्रयास में थे। इससे पहले की तस्कर गिरोह इस बच्चे को बेचने में कामयाब होता, पुलिस ने इन दोनों को पकड़ लिया और बच्चा बरामद हो गया। पूछताछ में इन दोनों ने बताया कि सहारनपुर के एक सोना व्यापारी को ₹500000 में बच्चा दिया जाना तय हुआ था। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि उत्तर प्रदेश और इससे सटे आसपास के राज्यों में मानव तस्कर गिरोह सक्रिय हैं और मासूम बच्चों पर इनकी निगाह है। इसलिए आप भी अपने बच्चों के प्रति सावधान रहिए सचेत रहिए। अपने मासूम बच्चे को अकेला घर से बाहर छोड़ना सुरक्षित नहीं है। पकड़े गए इन दोनों बच्चा चोरों ने पुलिस को बताया कि पानीपत से उन्होंने डेढ़ साल के मासूम सागर को घर के बाहर खेलते हुए ही उठा लिया था और बाइक पर बैठा कर फरार हो गए थे। बच्चा रोने लगा तो उसका मुंह दबा दिया था और बीच में बच्चे को दबाकर आराम से पानीपत से निकल गए थे। इसके बाद बॉर्डर से होते हुए सहारनपुर यानि उत्तर प्रदेश में आ गए। आधी रात को जब बच्चे को भूख लगी तो वह रोने लगा और चुप नहीं हुआ इस बार दोनों बच्चा चोर इस बच्चे को लेकर ननोता के दिल्ली रोड स्थित एक ढाबे पर पहुंचे। ढाबे पर इन्होंने बच्चे को कुछ खिलाने का प्रयास किया लेकिन तब भी बचा चुप नहीं हुआ तो आसपास के लोगों को शक हो गया और उन्होंने पुलिस को खबर कर दी इस दौरान मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर बच्चे को बरामद कर लिया जब मासूम बच्चा अपने माता पिता को मिला तो माता-पिता फफक फफक कर रो पड़े और उन्होंने जिगर के टुकड़े को कलेजे से लगा लिया।
सोना व्यापारी की तलाश कर रही पुलिस
सहारनपुर पुलिस ने इन दोनों बच्चा चोरों को तो पकड़ लिया है लेकिन अभी तक इस गिरोह के मुखिया और बच्चा खरीदने वाले सोना व्यापारी तक पुलिस नहीं पहुंच पाई है। शनिवार को पुलिस ने इन दोनों को गिरफ्तार कर लिया था और बच्चा भी बरामद हो गया था। 24 घंटे का समय बीत जाने के बाद भी पुलिस अभी तक सोना व्यापारी का नाम तक पता नहीं कर पाई है पुलिस का कहना है कि पूछताछ में दोनों युवकों ने यही बताया कि उन्हें सोना व्यापारी के नाम का नहीं पता है उन्हें सिर्फ यह बताया गया था कि बच्चे को लेकर बॉर्डर पार कर लो उसके बाद बच्चे को कहां पहुंचाना है फोन पर बता दिया जाएगा। बॉर्डर पार करने के बाद इन्होंने बताए गए नंबर पर खबर कर दी थी और अब यह दोनों कॉल बैक आने का इंतजार कर रहे थे लेकिन इसी बीच पुलिस नहीं ने पकड़ लिया। यहां गौर करने वाली बात यह है कि इन दोनों के पकड़े जाने के बाद कोई फोन कॉल इनके फोन पर नहीं आई इससे यह आशंका जताई जा रही है कि इनके और भी साथी आस-पास ही मौजूद रहे होंगे जिन्हें यह पता चल गया कि पुलिस ने इन दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और इसके बाद ना तो सोना व्यापारी बच्चे को लेने पहुंचा और ना ही गिरोह के किसी अन्य सदस्याें ने उनसे कोई संपर्क करने की कोशिश की। ननोता थाना प्रभारी सुधीर उज्जवल का कहना है कि दो मोबाइल नंबर उनके हाथ लगे हैं जिन्हें सर्विलांस के जरिए ट्रेस किया जा रहा है। अभी तक पुलिस के पास सिर्फ यही जानकारी है कि सहारनपुर में ही इस बच्चे को बेचने की तैयारी थी और बच्चे को खरीदने वाला सोना व्यापारी है।
लड़के की कीमत 5 और लड़की की कीमत 4 लाख
पुलिस पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि मानव तस्कर लड़के की कीमत लगभग ₹500000 लगाते हैं जबकि लड़की की कीमत ₹400000 तक ले जाती है। आप सोच रहे होंगे कि खरीददार बच्चों को खरीदने के बाद उनका क्या करेगा तो हम आपको बता दें कि यह बच्चे उन रहीस परिवारों को दिए जाते हैं जिनके यहां औलाद नहीं होती। इस घटना में भी कुछ ऐसा ही खुलासा हुआ है जिस सोना व्यापारी का नाम आ रहा है बताया जा रहा है कि उस सोना व्यापारी के घर पर कोई संतान नहीं है और संतान ना होने की वजह से सोना व्यापारी ने एक से डेढ़ साल के बच्चे को खरीदने की बात कही थी और इसके एवज में 4 से ₹500000 दिए जाने की बात सामने आ रही है अब देखना यह है कि पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंच पाती है या नहीं और बड़ा सवाल यह भी है कि बच्चा खरीदने की चाह रखने वाले इस सोना व्यापारी पर पुलिस क्या कार्रवाई करती है।