
देवबन्द। प्रदेश में दो सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियां लोगों को लुभाने में जुटी हुई है। वहीं हाल ही में देवबंदी उलेमा ने कैराना उपचुनाव को लेकर बड़ा बयान जारी किया था। जिसमें भाजपा के खिलाफ बातें कही गई। जिसे लेकर अब बजरंग दल में उबाल है।
दरअसल, बजरंग दल के विकास त्यागी का कहना है कि भारत सरकार से तुरंत मौलाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज करानी चाहिए व मुस्लिम फंड ट्रस्ट की जांच होनी चाहिए। मौलाना का यह बयान आर्दश आचार संहिता का खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन है।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि मौलाना ने मुस्लिम फंड की एक सस्था चला रखी जिसमें नोटबंदी के दौरान काले धन को सफेद किया गया था। इस प्रकार का बयान सांप्रदायिकता को बढ़ावा देने वाला है और अभी जो पिछले वर्ष प्रधानमंत्री से उलेमाओं का एक प्रतिनिधिमंडल मिलने गया था, उसके बाद हसीब सिद्दीकी ने ही कहा था कि प्रधानमंत्री और भाजपा देश के लिए बहुत जरूरी है।
यह इसलिए कहा था कि प्रधानमंत्री उन्हें बार-बार बुलाये लेकिन प्रधानमंत्री ने इन्हें भाव नहीं दिया। जिसके बाद अब ये इस प्रकार का बयान दे रहे हैं। मैं भारत सरकार से मांग करूंगा कि मौलाना हसीब सिद्दीकी पर तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए और उनका जो ट्रस्ट है उसकी सरकार को गहनता से जांच करानी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि मौलाना ने गठबंधन का समर्थन करते हुए कहा था कि मोदी सरकार से पूरा हिंदुस्तान और पूरी सियासी जमाते परेशान हैं व दुखी हैं। अब भाजपा सरकार से उम्मीद नहीं की जा सकती इसलिए जो अपोजीशन बना है और उन्होंने इकट्ठे होकर एक प्लेटफार्म बनाया है वह एक अच्छी शुरूआत है।