सहारनपुर

नशें में था चालक, यात्री की शिकायत पर आधी रात काे हुई राेडवेज बस की चेकिंग, दाेनाें सस्पेंड

Highlights सहारनपुर से नजीबाबाद जा रही थी बस बस में थे 34 से अधिक यात्री सवार शराब के नशे में बस चला रहा था चालक
less than 1 minute read
पुलिस को आदेश को नहीं मान रहे बस संचालक
पुलिस को आदेश को नहीं मान रहे बस संचालक

सहारनपुर। शराब पीकर यात्रियों से भरी बस चलाना रोडवेज के चालक को भारी पड़ गया। यात्री की शिकायत पर आधी रात को रोडवेज ने इस बस चेकिंग कराई और मौके पर ही चालक परिचालक को सस्पेंड कर दिया गया। रोडवेज ने इसे घोर लापरवाही बताते हुए अन्य चालक परिचालकों काे भी चेतावनी जारी की है।

यह घटना उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले की है। सहारनपुर से रोडवेज बस UP 11 AT 0552 साेमवार की रात 34 यात्रियों को लेकर नजीबाबाद के लिए रवाना हुई। इस बस में सवार एक यात्री को शक हुआ कि परिचालक शराब के नशे में है और गाड़ी ठीक से नहीं चला रहा है। इस पर यात्री ने मोबाइल फोन से सूचना परिवहन विभाग के अफसरों को दे दी।

सूचना पर गागलहेड़ी कस्बे में ही आधी रात को करीब 1:00 बजे बस को रोक लिया गया और पूरी बस की चेकिंग की गई। चेकिंग करने वाली टीम ने परिचालक से सभी यात्रियों के टिकट चेक किए और इसी दौरान चालक का भी टेस्ट कराया गया। प्राथमिक पड़ताल में चालक सुरेशपाल और परिचालक विजयपाल दोनों शराब के नशें की हालत में मिले। इस लापरवाही पर दाेनाें को सस्पेंड कर दिया गया।

इस घोर लापरवाही पर रोडवेज ने दोनों चालक परिचालक की संविदा भी समाप्त कर दी है। एआरएम जगदीश सिंह ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है। वअगर आप भी रोडवेज की बस में सफर कर रहे हैं और आपको लगे कि परिचालक की हरकतें ठीक नहीं है तो उसकी शिकायत सीधे परिवहन विभाग को करें।

Published on:
30 Oct 2019 08:29 am
Also Read
View All
Saharanpur News: इकलौते भाई का शव मिलते ही सुलग उठा देवबंद, 17 साल के शिवा की हत्या पर हाईवे पर बवाल, पुलिस का लाठीचार्ज!

Shayan Masood Samajwadi Party: लोकसभा में किया प्रचार, अब सपा में शामिल होने की चर्चा, विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में बढ़ेगी टेंशन?

सहारनपुर पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट, मजदूरों के चीथड़े उड़े, मची अफरा-तफरी

सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद पर चलेगा बुलडोजर: प्रशासन ने ठोका करोड़ों का हर्जाना, 30 दिन में खाली करने का आदेश

DM ऑफिस के अंदर कैसे बनी मस्जिद? कोर्ट ने अवैध माना, अब 30 दिन में हटाने का आदेश, जानिए 6.41 करोड़ का जुर्माना कैसे तय हुआ