
सहारनपुर। आने वाला समय ऑर्गेनिक फार्मिंग का है। ऑर्गेनिक फार्मिंग वर्मी कंपोस्ट पर ही जिंदा रह सकती है। यानी साफ है कि आने वाले समय में वर्मी कंपाेस्ट की मांग भी तेजी से बढ़ेगी।
पत्रिका के विशेष कार्यक्रम career tips में आज हम बात करेंगे ( Organic farming tips ) वर्मी कंपोस्ट के क्षेत्र में अपना भविष्य future बनाने की। प्रोफेसर राघवेंद्र के अनुसार खेती में रासायनिक पदार्थों का इतना प्रयाेग हो रहा है कि अब हर व्यक्ति ऑर्गेनिक फूड organic food चाहता है। यही कारण है कि ऑर्गेनिक फार्मिंग Organic farming बढ़ रही है। यह भी हम सभी जानते है कि, ऑर्गेनिक फार्मिंग के लिए वर्मी कंपोस्ट खाद organic fertilizer की आवश्यकता होती है। इससे साफ है कि, ऑर्गेनिक Organic फूड की बढ़ती मांग ने organic farming को जन्म दिया है और ऑर्गेनिक फार्मिंग ने वर्मी कंपोस्ट की मांग काे बढ़ाया है। ऐसे में साफ है कि, इस क्षेत्र में आने वाला भविष्य बेहद उज्जवल है।
प्राेफेसर राघवेंद्र के अनुसार इस क्षेत्र में भविष्य शुरू करने के लिए आपको किसी भी अतिरिक्त डिग्री की आवश्यकता नहीं है। आपको थोड़ी सी जमीन की आवश्यकता होती है। अगर आपके पास एक से 2 बीघा भी जमीन है तो आप उसमे भी इस वर्मिंग कंपाेस्ट की यूनिट काे शुरू कर सकते हैं। इस यूनिट में आपकाे किसी भी प्रकार की मशीन की भी आवश्यकता नहीं हाेती। एक खाली जगह में आपको खाद काे सड़ाकर वर्मी कंपाेस्ट तैयार करना हाेता है। इसके बाद तैयार वर्मी कंपोस्ट काे आप अच्छे दामों पर किसानों और ऑर्गेनिक खेती कर रहे प्रगतिशील किसानों के साथ-साथ उन फर्मों को भी भेज सकते हैं जो ऑर्गेनिक खेती पर काम कर रही हैं। जो लोग अपने घर में किचन गार्डन बनाते हैं वह भी वर्मी कंपोस्ट को अच्छे दामों पर खरीदते हैं।