Highlights चाणक्य के अनुसार गलत तरीके से जुटाए गए धन की आयु दस वर्ष से अधिक नहीं हाेती यह धन दस साल पूरे हाेने पर अपने साथ वह सबकुछ भी ले जाता है जो दस साल में कमाया हाेता है
सहारनपुर। जीवन का सबसे बड़ा सच धन है। हर व्यक्ति जीवन में अपने भविष्य और बच्चाें के भविष्य के लिए धन कमाता है। कभी-कभी धन कमाने के लिए हम गलत तरीकों का भी इस्तेमाल कर लेते हैं लेकिन चाणक्य निति (chankya niti in english) में साफ शब्दाें में लिखा गया है कि गलत तरीके से जुटाए धन की उम्र दस साल से अधिक नहीं हाेती।
चाणक्य बड़े अर्थशास्त्री थे। उन्हाेंने अपने जीवन के अनुभवाें काे लिखित किया और इस लेखन काे ही चाणक्य निति (chankya niti in hindi) कहा गया। चाणक्य नीति काे जब हम पढ़ते हैं ताे 15वे अध्याय में गलत तरीके से जुटाए गए धन के बारे में भी पढ़ने काे मिलता है। इस अध्याय में चाणक्य ने लिखा है कि अन्याय से , किसी का दिल दुखाकर या फिर दुर्जन से छीनकर जुटाया गया धन, यानी गलत तरीके से जुटाया गए धन की उम्र महज दस साल ही हाेती है।
चाणक्य ने कहा है कि गलत तरीके से कमाया गया धन 10 साल बाद ऐसे खत्म हाे जाता है जैसे पानी काे किसी पात्र से जमीन पर उडेल दिया जाए। जिस तरह से जमीन पर गिरे जल काे नहीं समेटा जा सकता इसी तरह से 11वे साल में गलत तरीके से कमाए गए धन काे भी आप नहीं बचा सकते। इतना ही नहीं चाणक्य ने यह भी कहा है कि गलत तरीके से कमाए गए धन से दस साल में जाे भी अर्जित किया जाता है वह 11वे साल में अपने साथ उसे भी ले जाता है।