सहारनपुर

थाने आई पीड़िता से दुष्कर्म करने वाले सीओ! और इंस्पेक्टर को अदालत ने सुनाई 20-20 साल की सजा

Court Order उस समय तत्कालीन थानाध्यक्ष, चौकी प्रभारी और एसआई ने महिला के साथ थानाध्यक्ष के आवास पर दुष्कर्म किया। अब अदालत ने इस मामले में दो को दोषी करार दिया है।
3 min read
• •
Updated: 6 Nov 2026, 5:10 PM IST
Court News
कोर्ट के संबंध में इस्तेमाल की गई प्रतीकात्मक तस्वीर। (फाइल फोटो- पत्रिका)

Court Order: पति को छुड़वाने की गुहार लगाने थाने आई विवाहिता के साथ बारी-बारी से दुष्कर्म करने वाले तत्कालीन थानाध्यक्ष और एसआई को अदालत ने 20-20 वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर एक-एक लाख रुपये जुर्माना भी लगा है। तत्कालीन एसआई वर्तमान में थाना प्रभारी है और तत्कालीन थाना प्रभारी सीओ पद से रिटायर्ड हो चुका है। दोनों को अदालत से ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

ये हुई थी घटना

कोतवाली देवबंद पुलिस ने ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। उसकी पत्नी गुहार लगाने के लिए थाने पहुंची तो थानाध्यक्ष महिला के सौन्दर्य पर मोहित हो गए। इसके बाद महिला के पति को पुलिस ने जेल भेज दिया और पति के बारे में पूछताछ करने के लिए महिला को थानाध्यक्ष ने पहले पुलिस चौकी और फिर अपने आवास पर बुला लिया। इसके बाद तत्कालीन थानाध्यक्ष और एसआई ने इस महिला के साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया। इस मामले में पुलिस अफसरों ने पीड़िता की सुनावाई नहीं की तो वह हाईकोर्ट चली गई। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर इस मामले में FIR दर्ज हुई। अदालत ने अब कुल चार आरोपियों ने से दो को सजा सुनाई है।

ये है पूरा मामला

घटना 29 जुलाई 2015 की है। उस समय देवबंद कोतवाली में तैनात तत्कालीन कोतवाल ब्रजभूषण यादव ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया और उसे जेल भेज दिया। अपने पति को छुड़वाने की गुहार लगाने के लिए उसी दिन व्यक्ति की पत्नी कोतवाली पहुंची। इस महिला के सौंदर्य को देखकर कोतवाल मोहित हो गए। अधिवक्ता राजीव तौमर के अनुसार इस घटना के बाद छह अगस्त को एक सिपाही ने महिला को चौकी पर बुलाया। यहां से महिला को थानाध्यक्ष के आवास पर ले जाया गया। उस समय एसआई वेगपाल सिंह जो वर्तमान में दूसरे जिले में थानाध्यक्ष हैं और तत्कालीन थानाध्यक्ष ब्रजभूषण यादव जो अब सीओ पद से रिटायर हैं, दोनों ने दो अन्य पुलिसकर्मियों के साथ महिला के साथ दुष्कर्म किया। इस मामले में पुलिस ने थानाध्यक्ष ब्रजभूषण यादव, चौकी प्रभारी पंकज धामा और एसआई वेगपाल सिंह समेत चार पुलिसकर्मियों पर के खिलाफ हाईकोर्ट के आदेश पर FIR दर्ज की। इस मामले की जांच सीबीसाईडी को दे दी गई लेकिन जांच एजेंसी ने आरोपियों के क्लीनचिट दे दी। इस मामले में बाद में पीड़िता ने अदालत में गुहार लगाई और अपना पक्ष रखा तो अदालत ने सीओ पद से सेवानिवृत्त हो चुके ब्रजमोहन यादव और तत्कालीन एसआई जो वर्तमान में किसी अन्य जिले में थाना प्रभारी हैं दोनों को दोषी करार दिया है।

विरोध करने पर तानी थी पिस्टल, अब सजा मिली तो छिपाने लगे मुंह

पीड़िता के वकील ने बताया कि, जब सिपाही महिला को बुलाने के लिए उसके पास पहुंचा तो महिला अपनी सास और नदद के साथ चौकी गई थी। चौकी से इन्हे थाने ले जाया गया। इसके बाद महिला और उसकी ननद को थानाध्यक्ष के आवास पर ले जाया गया। वहां पर तत्कालीन थाना प्रभारी ब्रजमोहन यादव, चौकी प्रभारी पंकज धामा और एसआई वेगपाल सिंह समेत एक अन्य पुलिसकर्मी ने महिला के साथ दुष्कर्म किया। शोर सुनकर ननद अंदर पहुंची तो ननद के मुताबिक आरोपियों ने ननद पर सरकारी पिस्टल तान दी। इतना ही नहीं जान से मारने की धमकी भी दी। अब इस मामले में सुनवाई करते हुए जब फास्ट ट्रैक कोर्ट अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दोनों को सजा सुनाई तो पुलिस हिरासत में दोनों दोषी तोलिये से अपना मुंह छिपाते हुए नजर आए। मीडियाकर्मियों से मुंह छिपाते रहे। पुलिस दोनों को जेल ले गई।

जांच एंजेसी ने दे दी थी क्लीनचिट

पीड़िता के वकील के मुताबिक, इस घटना के बाद पीड़िता और उसका परिवार अफसरों के चक्कर लगाते रहे लेकिन आरोपियों के खिलाफ FIR तक दर्ज नहीं हुई। बाद में 7 नवबंर 2017 को हाईकोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ लेकिन जांच एजेंसी ने आरोपियों को क्लीन चिट दे दी और कहा कि पर्याप्त सबूत नहीं मिले इस आधार पर अंतिम रिपोर्ट दाखिल की जाती है। महिला ने इस अंतिम रिपोर्ट को चुनौती देते हुए अदालत में मामले की पैरवी की और अदालत में प्रोटेस्ट पिटीशन दाखिल की गई। इसके साथ ही परिवाद भी दर्ज कराया। इसके बाद मामले की सुननवाई अदालत में हुई तो अदालत ने आरोपों को सही पाते हुए दोनों मुख्य आरोपियों को दोषी करार दिया। दोनों के दोष अदालत में सिद्ध हो चुके हैं आज शुक्रवार को अदालत इस मामले में अपना फैंसला यानी दोनों दोषियों को सजा सुनाएगी।

Updated on:
6 Nov 2026, 5:10 PM IST
Published on: