
सहारनपुर. स्वतंत्रता दिवस यानि 15 अगस्त से ठीक पहले देवबंद के पूर्व विधायक माविया अली ने विवादित बयान देकर पूरे देश में नई बहस शुरु कर दी है। माविया अली ने कहा है कि, मेरा एेसा मानना है कि, सबसे पहले हम मुसलमान हैं, सैकेंडरी नंबर पर हम इंडियन हैं, हिंदुस्तानी हम दूसरे नंबर हैं। अगर किसी भी चीज से इस्लाम का टकराव हाेता है, किसी भी संविधान या कानून का इस्लाम से टकराव हाेता है ताे हम इस्लाम के साथ खड़े हाेंगे। हम एेसे किसी भी कानून या संविधान काे नहीं मानेंगे जिसका इस्लाम से टकराव हाेता हाे। उन्हाेंने यह भी कहा है कि, हम इस देश के वफादार नहीं हैं, हम ताे इस देश के मालिक हैं। हम मालिक हैं आैर मालिक अपने देश की सुरक्षा आैर रक्षा करने के लिए जाे भई करना पड़ेगा उसे करते हैं। वफादार हाेना नाैकराें की फिदरत में हाेता हैं कुत्ताें की फिदरत में हाेता है मालिक की फिदरत में ताे अपनी चीज की रक्षा करना हाेता है। इसलिए हम याेगी के इस आदेश काे मानने के लिए तैयार नहीं हैं।
हम तिरंगा फहराए जाने की आदेश का खंडन करते हैं, माविया
माविया अली ने यह भी कहा कि याेगी ने जाे आदेश दिए हैं कि मदरसाें में तिरंगा फहराया जाए, राष्ट्रगान गाया जाए आैर वीडियाे ग्राफी कराई जाए इस आदेश काे हम नहीं मानेंगे इस आदेश का हम खंडन करते हैं विराेध करते हैं।
ये भी कहा माविया ने
झंडे ना फहराने का मतलब या राष्ट्रीयगान ना गाने का मतलब यह नहीं है कि हम राष्ट्र के लिए देश भक्ति नहीं रखते या राष्ट्र के लिए हमारे दिलाें में प्रेम नहीं है। लेकिन इस आदेश काे नहीं मानेंगे प्रदेश सरकार चाहे वीडियाेग्राफी करा लें चाहे कुछ भी करा लें।
सांसद बाेले देश में रहना है ताे मानना हाेगा कानून
हम पहले मुस्लिम हैं भारतीय बाद में हैं, यदि काेई कानून इस्लाम से टकराता है ताे हम उसका पालन नहीं करेंगे। देवबंद के पूर्व विधायक माविया अली के इस बयान पर सहारनपुर सांसद राघव लखन पाल शर्मा ने कहा है कि, देश में रहना है ताे, देश का कानून ताे मानना ही पड़ेगा। ये काेई सीरिया नहीं है कि, अंधाधुंध कुछ ही कानून बना लाे, आैर जहां तक कानून नहीं मानने की बात की है ताे फिर आैर भी तरीके हैं कानून मनवाने के।
ये हैं माविया अली
माविया अली, देवबंद के पूर्व विधायक रह चुके हैं। वर्स 2016 में सपा के मंत्री राजेंद्र सिंह राणा की मृत्यु के बाद उपचुनाव हुआ था। इस उप चुनाव में माविया अली कांग्रेस के टिकट पर लड़े थे आैर सपा काे यह सीट गवानी पड़ गई थी। वर्ष 2017 में चुनाव सी ठीक पहले माविया अली ने कांग्रेस काे बाय-बाय कह दिया था आैर समजवादी पार्टी से हाथ मिला लिया था। समाजवादी पार्टी ने राजेंद्र राणा की पत्नी मीणा राणा का टिकट काटकर माविया अली काे देवबंद से चुनाव मैदान में उतारा था लेकिन भाजपा विधायक ब्रिजेश सिंह ने इन्हे हरा दिया था आैर देवबंद सीट पर भाजपा ने जीत हांसिल की थी।
मदरसाें में चल रही राष्ट्रगान की तैयारी
माविया अली के बयान ने भले ही एक नया मुद्दा खड़ा कर दिया हाे लेकिन मदरसाें में स्वतंत्रता दिवस की तैयारी जाेराे पर है। इस्लामिक शिक्षा के केंद्र आैर इल्म की नगरी देवबंद के कई मदरसों के मुफ्तियों ने देश के साथ प्रदेश सरकार. के इस कदम को सहारनीय बताया है आैर इन सभी मदरसाें में तैयारियां जाेराें पर हैं। यह अलग बात है कि, पूर्व विधायक माविया अली अपने इस बयान में पूरे देश के मुस्लिमाें के ठेकेदार बनते हुए दिख रहे हैं आैर उन्हाेंने इस आदेश काे मानने से इंकार कर दिया है।