यूपी के मदरसों में योगी सरकार ने रोजाना राष्ट्रगान अनिवार्य कर दिया है। देवबंदी उलमा ने बयान जारी करते हुए कहा है कि सभी छोटे और बड़े मदरसों में राष्ट्रगान गाते आए हैं। उन्होंने कहा कि मदरसों में पहले से ही गणतंत्र और स्वतंत्रता दिवस जैसे आयोजनों पर राष्ट्रगान गाया जाता है। इसमें कुछ नया नहीं है।
उत्तर प्रदेश में सभी स्कूल और मदरसों में योगी सरकार ने राष्ट्रगान के निर्देश दिए हैं। जिसके बाद उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद ने सभी मदरसों में राष्ट्रगान को अनिवार्य कर दिया है। इसको लेकर देवबंदी उलमा ने बयान जारी करते हुए कहा है कि सभी छोटे और बड़े मदरसों में राष्ट्रगान गाते आए हैं। उन्होंने कहा कि मदरसों में पहले से ही गणतंत्र और स्वतंत्रता दिवस जैसे आयोजनों पर राष्ट्रगान गाया जाता है। इसमें कुछ नया नहीं है। वहीं, राष्ट्रगान के आदेश का अन्य मौलानाओं ने भी स्वागत किया है। अब सभी मदरसों में सुबह राष्ट्रगान के बाद ही बच्चों को तालीम देनी शुरू कर दी गई है।
दरअसल, उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड के आदेशों के तहत नए शिक्षण सत्र से सभी मदरसों में प्रार्थना के दौरान राष्ट्रगान अनिवार्य हो गया है। मदरसा जामिया शेखुल हिंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी ने कहा है कि 26 जनवरी और 15 अगस्त के मौकों पर मदरसों में शान से तिरंगा फहराया जाता है और राष्ट्रगान भी गाया जाता है। उन्होंने कहा कि अब सरकार ने मदरसों में राष्ट्रगान को हर रोज के लिए अनिवार्य करने के आदेश दिए है। इसमें किसी को कोई आपत्ति नहीं है।
पहले भी गाते आए हैं और अब भी गाएंगे
वहींं, जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक मौलाना कारी इस्हाक़ गोरा ने सरकार के आदेशों को लेकर कहा है कि इसमें हैरत की कोई बात नहीं है। क्योंकि छोटे-बड़े मदरसों में पहले से ही राष्ट्रगान गाते आए हैं। राष्ट्रीय पर्व हो या मदरसों के वार्षिक कार्यक्रम हमेशा से राष्ट्रगान गाया जाता है। उन्होंने कहा कि हम लोग पहले भी राष्ट्रगान गाते रहे हैं और अभी भी गाएंगे। इसमें किसी को कोई दिक्कत की बात नहीं है।
ये आदेश किए गए थे जारी
बता दें कि उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद के रजिस्ट्रार ने सभी अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को पत्र भेजकर मदरसों में राष्ट्रगान को अनिवार्य रूप से लागू करने के आदेश दिए हैं। इसके तहत प्रत्येक मदरसे में सुबह कक्षा शुरू होने से पहले दुआ के साथ राष्ट्रगान गाना भी अनिवार्य होगा।