डीजीपी ओपी सिंह ने बदमाशों और पुलिस वालों को चेताया है।
सहारनपुर। बदमाश सावधान हो जाएं क्योंकि उत्तर प्रदेश में एनकाउंटर अभी रुकने वाले नहीं हैं। ऐसा हम नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के पुलिस मुखिया कह रहे हैं। दरअसल, सहारनपुर पहुंचे डीजीपी ओपी सिंह ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए साफ शब्दों में कहा कि उत्तर प्रदेश में बदमाशों के खिलाफ जो एग्रेसिव पुलिसिंग चल रही है वह जारी रहेगी। पिछले एक साल में इस एग्रेसिव पुलिसिंग में यूपी पुलिस ने काफी सफलता हासिल की है और कॉमन मैन के बीच पुलिस के रिश्ते और छवि बेहतर करने के प्रयास लगातार जारी हैं, इन रिश्तों को और बेहतर किया जाएगा।
डीजीपी ओपी सिंह ने पुलिस लाइन स्थित मनोरंजन कक्ष में कहा कि पिछले 1 साल में पुलिस ने फ्रंट पर आकर जिस तरह से बदमाशों के खिलाफ एग्रेसिव पुलिसिंग दिखाई है, उससे बदमाशों का सफाया हुआ है और अपराधी आज जेल में शरण ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब तक उत्तर प्रदेश में साढ़े चार हजार मुठभेड़ हुई हैं जिनमें 48 बदमाशों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जा चुका है। तीन हजार से अधिक अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। साढ़े छह हजार के करीब बदमाश जमानत तुड़वाकर जेल गए हैं। पुलिस की कार्यवाही जारी रहेगी और इसमें कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
मेरठ जोन में हुई सर्वाधिक मुठभेड़
डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि मेरठ जोन में सबसे अधिक मुठभेड़ हुई हैं और प्रदेश के अन्य जोन में भी यह कार्यवाही जारी है। उन्होंने कहा कि सिर्फ बदमाशों को सबक सिखाने में ही पुलिस का ध्यान नहीं है, इसके अलावा जो अपराध के अन्य तरीके हैं उन पर भी पुलिस का पूरा फोकस है। प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा बुजुर्गों का सम्मान साइबर क्राइम की रोकथाम और ह्यूमन ट्रैफिकिंग को रोकने के लिए भी पुलिस बेहतर कार्य कर रही है।
पुलिस भी हो जाए सावधान
उत्तर प्रदेश में सिर्फ बदमाशों को ही सावधान होने की जरूरत नहीं है। पुलिसकर्मियों को भी सावधान रहना होगा, यह बात डीजीपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक बार फिर साफ हो गई है और डीजीपी ने साफ कहा कि वह किसी तरह की वसूली को बर्दाश्त नहीं करेंगे। अगर कोई पुलिसकर्मी वसूली करता हुआ पाया जाता है तो उसको भी वहीं भेजा जाएगा जहां बदमाशों को भेजा जा रहा है। ये ही नहीं, अगर कोई पुलिसकर्मी अब उत्तर प्रदेश में वसूली करता हुआ पाया जाता है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा और उसको भी जेल में भेजा जाएगा।