सहारनपुर जिलाधिकारी ने साफ कर दिया है कि वाहनाें की जिम्मेदारी से शिक्षण संस्थान मुंह नहीं माेड़ सकते एेसा किया ताे मान्यता ही रद्द कर देंगे।
सहारनपुर।
शहर में एक भी स्कूली वाहन एेसा नहीं हाेना चाहिए जाे फिट ना हाे। अभियान चलाकर स्कूली वाहनाें की जांच की जाए। जिन शिक्षण संस्थानाें के वाहन आैर बार-बार निर्देश के बावजूद भी नियमाें का उल्लंघन कर रहे हैं एेसे शिक्षण संस्थानाें की मान्यता काे ही रद्द कर किया जाए। यह निर्देश सहारनपुर के नवनियुक्त जिलाधिकारी ने दिए हैं।
अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) एसके दूबे ने इन आदेशाें काे पुष्टि करते हुए कहा है कि इन वाहनाें काे सीज करने के लिए जिले में वृहद स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। एक जुलाई से शिक्षण संस्थाएं आैर स्कूल खुल जाएंगे इसी दिन से अभियान चलाकर एेसे सभी वाहनाें काे सीज किया जाएगा। इसके लिए परिवहन विभाग के अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैँ। एक जुलाई से स्कूल खुल जाएंगे आैर स्कूलाें के खुलते ही पूरे जिले में बड़े स्तर पर अभियान चलाकर अनफिट स्कूली वाहनाें काे सीज किया जाएगा। अपर जिलाधिकारी के मुताबिक इसके लिए विद्यालय निरीक्षक व बेसिक शिक्षा अधिकारी को भी निर्देश दिए गए हैं। खास बात यह है कि अगर किसी स्कूल की बस अमानक रूप से संचालित हाेती हुई मिली ताे उस स्कूल की मान्यता रद्द करने की कार्यवाही की जाएगी। यह आदेश भी जिलाधिकारी की आेर से दिए गए हैं।
ये भी दिए आदेश
जिलाधिकारी ने जिले में चार पहिया वाहनों को चलाते समय सीट बेल्ट नहीं लगाने वाले आैर वाहन चलाते समय माेबाइल फाेन पर बात करने वाले चालकाें के खिलाफ कार्रवाई हाे आैर नियमित रूप से अभियान चलाकर कार्रवाई करें। जनपद में चिन्हित ‘‘ब्लैक स्पाॅट’’ पर सुरक्षात्मक दिशा संकेत लगाये जायें। लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं को निर्देश दिये कि 10 करोड़ रूपये से अधिक लागत की सड़क परियोजनाओं में 2.5 प्रतिशत धनराशि राेड सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए थर्ड पाॅटी आॅडिट के लिए धनराशि को रखा जायें।
यह निर्देश कलेक्ट्रेट में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दिए गए। यहां मुख्य रूप से स्कूली वाहनाें की फिटनेस पर फाेकस रहा। कहा गया कि, जिन स्कूल कॉलेज के वाहन बिना फिटनेश के चल रहे है, उन्हें चिन्हित कर कठोर कार्यवाही करें। जिन स्कूलाें के वाहन बार-बार नियमों की अनदेखी कर रहे हैं उनकी सूची बनाई जाए ताकि एेसे स्कूलाें की मान्यता काे रद्द किया जा सके। परिवहन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये है कि जिन सड़कों पर दिशा ***** अथवा दुर्घटना सम्बंधी जानकारी के बोर्ड नहीं लगे हैं उन सड़काें आैर उन सड़काें पर एेसे स्थानों को चिन्हित करें आैर ऐसे स्थानों पर दिशा ***** बोर्ड लगवायें जायें।
परिवहन विभाग के अधिकारी स्कूली वाहनों को फिटनेश देने के लिए तहसील स्तर पर कैम्प लगवाए जाएं। सड़कों पर बढ़ती ई-रिक्क्षा की संख्या यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर रही है। पुलिस विभाग के साथ संयुक्त अभियान चलाकर बिना पंजीकृत ई-रिक्क्षा के विरूद्ध कार्यवाही की जाये। अधिक सवारी बैठाने वाले वाहनों के विरूद्ध भी कार्यवाही की जायें। रेलवे फाटकों पर अनियमित तरीके से वाहन खड़े करने वालों व दो पहिया वाहनों पर बिना हैलमेट लगाये वाहन चलने वालों के विरूद्ध भी कार्यवाही की जायें। हिट एण्ड रन दुर्घटना के मामले में सालेशियम स्कीम 1986 के अंतर्गत प्रदान की जाने वाली सहायता राशि के सम्बन्ध में व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जायें। इस बैठक में क्षेत्राधिकारी नगर इंदु सिद्धार्थ, सम्भागीय परिवहन अधिकारी लक्ष्मीकांत मिश्र, अजित कुमार श्रीवास्तव, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी आर.के.मिश्र, यात्रीकर अधिकारी राकेश मोहन, जिला विद्यालय निरीक्षक अरूण दूबे बेसिक शिक्षा अधिकारी रामेन्द्र कुमार सिंह समेत लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, सूचना विभाग के अधिकारियों सहित विद्यालय के प्रबन्ध समिति के प्रतिनिधि सुरेन्द्र चौहान, टांस्पोर्टर एसोसियेशन के पदाधिकारी शामिल रहे।