दुख की घड़ी में मुसलमान नहीं करें कोई ऐसा काम, जिससे हम वतन भाइयों को ठेस पहुंचे
देवबंद. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई के निधन के बाद पूरे देश में शौक की लहर है। वाजपई की मौत के बाद देश का राष्ट्रीय ध्वज भी आधा झुका हुआ है और पूरे देश में सात दिन के शोक का ऐलान किया गया है। वहीं, केरल में आई भीषण बाढ़ की वजह से भी लोगों पर आफत टूट पड़ी है। लिहाजा, इस दुख की घड़ी में शिया उलेमा सैफ अब्बास की अपील का देवबंदी उलेमा ने भी समर्थन किया है। देवबंदी आलिम और मदरसा दारुलउलूम निशवा के मोहतमिम मौलाना अब्दुल लतीफ कासमी ने भी देश के मुसलमानों से अपील की है कि सभी मुसलमान भाई इस गम के माहौल में ईद-उल-अजहा पर कोई भी ऐसा काम न करें, जिससे यह महसूस हो कि जश्न मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे वज़ीर-ए-आजम अटल बिहारी वाजपेयी का निधन हुआ है। इसलिए सभी मुसलमान भाई पूरी सादगी के साथ ईद-उल-अजहा का त्यौहार मनाए और भारतवासियों का ख्याल रखा जाए। पूरा भारत इस वक्त पूर्व पीएम वाजपेयी मौत के गम में डूबा हुआ है, लिहाजा मुसलमानों को भी अपने हम वतन भाइयों का ख्याल रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि वाजपेयी एक ऐसी सख्सियत थे, जिन्हें हर समाज, हर तब्का और हर धर्म के लोग पसंद करते थे। उनके निधन पर सभी भारत वासी गमगीन हैं। हमारा कौमी झंडा भी झुका हुआ है और जब तक हमारा कौमी झंडा झुका हुआ है, तब तक मुसलमानों को कुछ भी ऐसी नहीं करना चाहिए जिससे ये लगे कि मुसलमान जश्न मना रहे हैं।
इससे पहले दिवंगत पूर्व पीएम अटल बिहारी बाजपेई के संसदीय क्षेत्र लखनऊ के शिया उलेमा ने कहा था कि मुस्लिम भाइयों से अपील है कि ईद-उल-अजहा को सादगी से मनाएं, क्योंकि अटल बिहारी वाजपेयी के शोक में हमारा राष्ट्रिय ध्वज आधा झुका हुआ है। उन्होंने कहा कि मुसलमान भाई नमाज पढ़ें, कुर्बानी दें पर जश्न न मनाएं।
गौरतलब है कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई का लम्बी बीमारी के बाद 16 अगस्त यानी गुरुवार की शाम 5:05 बजे दिल्ली के एम्स में निधन हो गया। बाजपेई के निधन के बाद केंद्र सरकार ने पूरे देश में 7 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई के निधन पर राज्य में सात दिन के राजकीय शोक की घोषणा की थी। इस अवधि में सभी सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज झुके रहेंगे। अटल के सम्मान में राज्य सरकार ने 17 अगस्त 2018 का राजकीय अवकाश घोषित किया था। इसके साथ ही झारखंड, बिहार और उत्तराखंड सहित कई राज्यों में शुक्रवार को स्कूलों और कॉलेज में छुट्टी की घोषणा भी कर दी गई थी। राजकीय शोक के दौरान सरकारी स्तर पर किसी तरह का मनोरंजक कार्यक्रम, सामूहिक भोज आदि पर रोक रहेगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में केंद्र सरकार के जारी सर्कुलर को सभी जिलाधिकारी, विभागाध्यक्ष को भेज कर इसी आधार पर कार्रावई करने को कहा है।