
सहारनपुर। योगी सरकार किसानों के क़र्ज़ माफ़ करने के दावे कर रही है, लेकिन क़र्ज़ का मर्ज़ किसानों की जान लेने से बाज नहीं आ रहा है. सहारनपुर के बड़गांव थाना क्षेत्र के गांव ऊमरी मजबता में एक किसान सत्येंद्र ने बुधवार को खेत में जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का आरोप है कि किसान कर्ज में डूबा हुआ था और बैंक से आरसी जारी हो चुकी थी। रिकवरी का दबाव बढ़ रहा था और इसी दबाव में किसान ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली।
भूमि विकास बैंक से लिया था कर्ज
कर्ज में डूबे 48 वर्षीय किसान सत्येंद्र पुत्र चमन सिंह ने भूमि विकास बैंक से कर्ज लिया था। इस कर्ज को न लौटाने पर बैंक की ओर से आरसी जारी हो गई थी। परिजनों के मुताबिक बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्च में किसान लोन अदा नहीं कर पा रहा था और इसी के बाद बैंक ने आरसी जारी कर दी थी। परिजनों के मुताबिक बैंक से आरसी जारी होने के बाद भी किसान तनाव में था और किसी से बात नहीं कर रहा था।
आमीन ने दी थी चेतावनी
परिजनों के मुताबिक 1 दिन पहले आए अमीन ने किसान सत्येंद्र को रिकवरी की चेतावनी दी थी और यह भी कहा था कि अगर उसने ऐसा नहीं चुकाया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अमीन की इस चेतावनी के बाद घबराए किसान ने खेत में जाकर जहरीला पदार्थ खा लिया जिससे उसकी मौत हो गई।
एसडीएम बोले कराई जा रही है जांच
रामपुर एसडीएम राकेश कुमार गुप्ता से जब किसान के आत्महत्या किए जाने की घटना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पूरा मामला क्या है, इसकी जांच कराई जा रही है। परिजनों से बात की जाएगी। किसान की मौत दुखद है, आखिर किन हालातों में यह कदम उठाया, यह भी जांच का विषय है. प्राथमिक तौर पर जो बातें सामने आ रही हैं, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।