PM Modi:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सहारनपुर के सरसावा सिविल एयरपोर्ट का 4:15 बजे उद्घाटन किया। यात्री विमान की उड़ान को लेकर अभी शेड्यूल नहीं आया है।
PM Modi: प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी से सहारनपुर सिविल एयरपोर्ट का वर्चुअल उद्घाटन किया। सरसावा में पीएम मोदी के कार्यक्रम को देखने के लिए बड़ा सा पंडाल बनाया गया था। इसमें 1500 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। पास देखकर एंट्री दी गई। किसी तरह की कोई गड़बड़ी न हो इसको देखते हुए बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात थी। यहां पर एक एलईडी स्क्रीन लगाई गई थी, जिसमें लोगो ने पीएम मोदी को वर्चुअल उद्घाटन करते देखा। इस दौरान कई स्थानीय जनप्रतिनिधि कार्यक्रम में शामिल हुए।
प्रभारी मंत्री सुनील कुमार शर्मा समेत जिले के जनप्रतिनिधि इसके साक्षी रहे। हालांकि, यात्री वायुयानों की उड़ान को लेकर अभी शेड्यूल नहीं आया है। ऐसे में यात्रियों को अभी इंतजार करना पड़ेगा। आज दोपहर बाद तीन बजे कार्यक्रम शुरू हुआ। इसके बाद 4:15 पर प्रधानमंत्री उद्घाटन किया।
सिविल एयरपोर्ट बनाने के पीछे सबसे बड़ी वजह थी पास में एयरफोर्स स्टेशन का होना। सिविल एयरपोर्ट का रनवे अपना नहीं होगा। यात्री एयरपोर्ट में प्रवेश कर अपने कागजों की जांच कराकर बोर्डिंग पास लेंगे। इसके बाद बस में बैठाकर उन्हें विमान तक ले जाया जाएगा। विमान दो सुरक्षा द्वारों को पार कर एयरफोर्स क्षेत्र में प्रवेश कर रनवे से उड़ान भरेगा।
बता दें, कि सिविल एयरपोर्ट के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को प्रदेश सरकार द्वारा 65 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई है। संपूर्ण भूमि की सुरक्षा की दृष्टि से 8 फीट ऊंची बाउंड्री वॉल कराकर तारबाड़ भी कराई गई है। परिसर में अलग-अलग निर्माण किए गए हैं। जिसमें एक समय में दो वायुयान खड़े होने के लिए 163 मीटर लंबा तथा 73 मीटर चौड़ा एप्रन यानि प्लेटफार्म बनाया गया है।
एप्रन से हवाई पट्टी तक जाने के लिए 23 मीटर चौड़ा तथा 445 मीटर लंबा टैक्सी ट्रैक भी निर्मित किया गया है। यात्रियों के विश्राम के लिए लाउंज, आने तथा जाने के लिए दो सुरक्षा द्वार, लगेज चेक करने के लिए सेंसर युक्त एक्स-रे मशीन, बोर्डिंग पास काउंटर और एक समय में 200 यात्रियों के बैठने के लिए लाउंज बनाया गया है।
इन सारी व्यवस्थाओं को 2 हजार स्क्वायर मीटर के एक विशाल भवन के अंदर तैयार किया गया है। इसके अलावा वायुयानों से संपर्क साधने के लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम भी एयरफोर्स स्टेशन का इस्तेमाल होगा।