बेटी काे इ्ंसाफ नहीं मिला तो आत्महत्या काे मजबूर है दिव्यांग दंपति

गंगाेह में नेत्रहीन पिता व दिव्यांग मां अपनी विवाहित बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए दर-दर की ठोंकरे खा रहे हैं
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Updated: 22 Dec 2016, 9:38 AM IST
divyang dampati
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सहारनपुर। सहारनपुर के गंगाेह में नेत्रहीन पिता व दिव्यांग मां अपनी विवाहित बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए दर-दर की ठोंकरे खा रहे हैं। गत आठ माह से दिव्यांग दंंपति मारपीट कर ससुराल से निकाली गई बेटी को लेकर कोतवाली पुलिस, महिला थाने व प्रशासनिक अधिकारियों से फरियाद लगा चुके हैं लेकिन उन्हेंं न्याय नहीं मिल रहा है। अब बुधवार काे थक हारकर इस दंपति ने कहा है कि अगर बेटी काे न्याय नहीं दिला पाए ताे उनके सामने आत्महत्या के अलवा काेई आैर रास्ता नहीं हाेगा।

मौहल्ला टाकान निवासी नूरजहां पत्नी मौहम्मद अली के अनुसार, चार वर्ष पहले उसने अपनी बेटी रुखसाना की शादी पूूरे दान आैर दहेज के साथ गागलहेडी के हरोडा निवासी युवक के साथ की थी। शादी में कर्ज लेकर अपनी हैसियत से अधिक सामान दिया था। आराेप है कि ससुराल पक्ष के लाेग अब कम दहेज की हाेने की बात कहकर उनकी बेटी का उत्पीड़न कर रहे हैं। दंपति की माने ताे ससुराल पक्ष के लाेगाें ने 50 हजार रुपये आैर बाइक की मांग की है।

ससुरालियाें ने साफ कह दिया कि यदि वह इसका इंतजाम नहीं कर पाए ताे वह लड़की काे लेने नहीं आएंगे। एक साल पहले उसे दहेज के चलते मारपीट कर उसके मासूम बच्चों के साथ धक्के देकर घर से बाहर निकाल दिया था। तभी से वह मायके में रह रही है। इसको लेकर बिरादरी की पंचायत तक हुई, मगर वे अपनी मांग पर अडे रहे। बेबस नूरजहां का कहना है कि वह पैराेंं से दिव्यांग है आैर पति काे दिखाई नहीं देता, एेसे वह दाेनाें मिलकर भी बेटी के ससुरालियाें की इस मांग का पूरा नहीं कर पाएंगे। आराेप यह भी है कि पिछले दिनाें ससुराल पक्ष के लाेगाें ने घर पर आकर उनकी बेटी से मारपीट की। यहां पड़ोसियों के मौके पर आ जाने से उनकी बेटी की जान बच पाई।
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