पिछले वर्ष की अपेक्षा आधा ही रह गया एड्स रोगियों का ग्राफ राेगियों का ग्राफ गिरने में लॉकडाउन को माना जा रहा कारण
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
सहारनपुर ( Saharanpur ) कोरोनावायरस ( Corona virus ) की वजह से लगाए गए लॉक डाउन से सड़क दुर्घटनाओं के ग्राफ में काफी कमी आई है। यह तो सभी जानते हैं लेकिन अब ताजा रिपोर्ट एचआईवी ( HIV ) यानी एड्स को लेकर है। कोरोना काल में एड्स के मरीजों की संख्या भी कम हुई है और इनका ग्राफ पिछले वर्ष की तुलना में आधा रह गया है।
सहारनपुर जिले में एड्स के रोगियों के लिए जिला अस्पताल में एआरटी सेंटर है। इस सेंटर की स्थापना वर्ष 2013 में की गई थी। इस सेंटर का काम पूरे जिले में एचआईवी रोगियों की तलाश करना उनके टेस्ट करना और उन्हें चिन्हित करना है। चिन्हित करने के बाद रोगियों की काउंसलिंग की जाती है और उन्हें hiv से बचने के उपाय के साथ साथ उपचार भी दिया जाता है।
कोरोनावायरस के खतरे को देखते हुए मार्च माह में पूरे देश में लॉक डाउन लगा दिया गया था। इस अवधि में भी एआरटी सेंटर खुला रहा। हर दिन यहां पर रोजाना की तरह कार्य हुआ लेकिन मरीजों की संख्या में काफी कमी आई। पिछले वर्ष यहां 245 रोगियों को चिन्हित किया गया था और इस वर्ष यहां कुल 181 रोगियों का ही रजिस्ट्रेशन हुआ है ऐसे में साफ है कि कोरोना काल में सहारनपुर में एड्स के मरीजों की संख्या में काफी कमी आई है और घटकर इनका ग्राफ आधा रह गया है।
जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉक्टर आभा वर्मा ने इसकी पुष्टि की है उन्होंने बताया कि इस वर्ष एड्स के मरीजों का ग्राफ काफी कम है पिछले वर्ष की तुलना में 30 फ़ीसदी तक रोगी कम हुए हैं।