सहारनपुर

कैराना उपचुनाव: देखिये कैसे पड़ेंगे वोट और कैसे EVM से निकलेगी पर्ची, बता रहे हैं सहारनपुर डीएम

28 मई को कैराना लोकसभा उपचुनाव के बाद डाले जाएंगे वोट

2 min read

सहारनपुर। कैराना उपचुनाव में वोटिंग को लेकर कोई भी कन्फ्यूजन मतदाताओं और राजनीतिक दलों में ना रहे इसके लिए शुक्रवार को सहारनपुर जिलाधिकारी ने ईवीएम वीवीपैट मशीन का ट्रायल दिखाया और इस दौरान मीडिया कर्मियों और अलग-अलग राजनीतिक दलों के लोगों से ईवीएम चलवाई और वीवीपैट के उपयोग का प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्य रूप से यह दिखाने की कोशिश की गई कि ईवीएम में जिस चुनाव चिन्ह के सामने का बटन दबाया जाता है, वोट उसी चुनाव चिन्ह को जाता है।

इसकी पुष्टि ईवीएम की वीवीपैट डिवाइस से निकलने वाली स्लिप से होती है, जिस पर बाकायदा चुनाव चिन्ह और पार्टी का नाम होता है। बटन दबाने के बाद 7 सेकंड के लिए यह पर्ची डिस्प्ले होती है और उसके बाद वीवीपैट के ही फील्ड बॉक्स में चली जाती है। यहां वोटर बटन दबाने के बाद इस पर्ची को देखकर यह कंफर्म कर सकता है कि उसका वोट उसी पार्टी को गया है, जिस पार्टी को उसने वोट दिया है। निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक यह आवश्यकता ईवीएम को लेकर चल रहे भ्रामक प्रचार के कारण की गई।

यह भी पढ़ें-बड़ी खबर: मायावती के भांजे इस पार्टी के टिकट पर यहां से चुनाव मैदान में उतरे, सपा-बसपा की बड़ी धड़कनें

इस दौरान जिला अधिकारी सहारनपुर पीके पाण्डेय ने कहा कि चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से कराने के लिए सरकार पूरी तरह से कृतसंकल्प है। राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों व मीडिया कर्मियों के सम्मुख ईवीएम व वोटर वेरीफाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल यानि वीवीपैट का प्रदर्शन कराने के बाद कहा कि इस मशीन को किसी भी प्रकार से हैक नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि कैराना लोकसभा उप निर्वाचन-2018 के दौरान सभी मतदान केन्द्रों पर वीवीपैट लगाई जायेगी।

वोटर वेरीफाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल यानी वीवीपैट के तहत वोटर डालने के तुरंत बाद कागज की एक पर्ची बनती है। इस पर्ची पर उस उम्मीदवार और पार्टी का चिन्ह होता है जिसको मतदाता वोट देगा। पर्ची सात सैकेण्ड तक डिस्प्ले होती है और इसके बाद ऑटोमैटिक मशीन के सील्ड बॉक्स में चली जाती है। उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था इसलिए है कि किसी तरह का विवाद होने पर ईवीएम में पड़े वोट के साथ वीवीपैट की पर्ची का मिलान किया जा सके। इस बार हर विधानसभा के एक मतदान केन्द्र की रैण्डम आधार पर ईवीएम और वीपीपैट की पर्चियों की गिनती कराकर वोटों का मिलान भी किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने इस प्रदर्शन के बाद जनता से आह्वान किया कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान ना दें, क्योंकि चुनाव में पूरी पारर्दिशता बरती जा रही है। हर मतदाता अपने उम्मीदवार को वोट देेकर वीवीपैट की स्क्रीन पर देख सकता है कि उनका वोट उसी प्रत्याशी को गया है, जिसके सामने का बटन वोटर ने दबाया।

खराब होने पर 15 से 30 मिनट के भीतर बदल दी जाएगी ईवीएम
ईवीएम के खराब होने पर इसे अधिकतम 15 से 30 मिनट तक बदले जाने की व्यवस्था की गई है। यहां यह भी जानना जरूरी है कि सबसे पहले देश में वोटर वेरीफाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल यानि वीवीपैट का इस्तेमाल नागालैंड के चुनाव में 2013 में हुआ था।

ये भी पढ़ें

कैराना उपचुनाव से पहले इस कांग्रेस नेता ने जिन्ना को लेकर कह दी ऐसी बात कि मच गया हड़कंप
Published on:
11 May 2018 09:04 pm
Also Read
View All