Highlights गबन के दाैरान बदायूं में तैनात थे रणबीर सिंह घोटाले की जांच रिपोर्ट के आधार पर किए गए सस्पेंड
शामली। वर्ष 2015-16 में बदायूं उप कोषागार में स्टांप बिक्री के दौरान हुए 5 करोड के गबन मामले में कैराना तहसीलदार रणवीर सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। रणवीर सिंह 22 सितंबर 2015 से 13 सितंबर 2016 तक बदायूं में के दातागंज में तहसीलदार पद पर तैनात थे। माना जा रहा है कि, अब जांच रिपोर्ट में नए तथ्य सामने आने के बाद रणवीर सिंह पर यह कार्रवाई की गई है।
रणबीर सिंह को बरेली कमिश्नर के ऑफिस से अटैच कर दिया गया है और उनकी जगह प्रवीण कुमार को कैराना तहसीलदार के पद की जिम्मेदारी दी गई है। 5 करोड़ के गबन का यह मामला नवंबर 2019 में सामने आया था और 18 नवंबर 2019 को बदायूं उप कोषागार के खजांची हरीश यादव समेत अकाउंटेंट के विरुद्ध एफ आई आर दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने उस समय हरीश यादव को गिरफ्तार कर लिया था। इस घोटाले के समय रणवीर सिंह भी बदायूं में ही तैनात थे। यही कारण उनके विरूद्ध भी जांच चल रही थी। जून 2018 में रणवीर सिंह की तैनाती कैराना तहसीलदार के पद पर हुई थी। और तब से अब तक वह कैराना में ही तैनात थे।
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शुक्रवार को अचानक उन्हें हटा दिया गया और बरेली कमिश्नर कार्यालय से अटैच कर दिया गया। इस बारे में जब एसडीएम मणि अरोड़ा से बात की गई तो उन्होंने सिर्फ इतना ही बताया कि 5 करोड़ के गबन मामले में तहसीलदार रणवीर सिंह के खिलाफ जांच चल रही है जिसके चलते उन्हें सस्पेंड कर कमिश्नर कार्यालय से अटैच किया गया है।
जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने बताया कि बदायूं उप कोषागार में स्टांप बिक्री का घोटाला हुआ था यह घोटाला करीब 5 करोड़ का था। जिस समय यह गबन हुआ है उस अवधि में रणवीर सिंह भी बदायूं में तैनात थे। इस पूरे मामले में दो अधिकारियों के विरुद्ध इन्वेस्टिगेशन चल रही है। गबन के समय तहसीलदार रणवीर सिंह की पोस्टिंग बदायूं में होने के चलते उन्हें फिलहाल कमिश्नर कार्यालय से अटैच किया गया है।