ऐसा पहली बार हुआ है जब भाजपा की ओर से भी ईवीएम पर सवाल खड़े किए गए हैं। दरअसल, कैराना उपचुनाव में ईवीएम की खराबी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
शामली। कैराना उपचुनाव में ईवीएम एक बड़ा मुद्दा बन गई है। अभी तक देश में ईवीएम के तकनीकी सिस्टम को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे और कहा जा रहा था कि ईवीएम का बटन कुछ और दबाते हैं वोट किसी और को जाता है। लेकिन ऐसा पहली बार जब ईवीएम को लेकर विपक्ष और भाजपा के मत एक हुआ हो।
दरअसल, गठबंधन उम्मीदवार तबस्सुम हसन ने ईवीएम खराब होने पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि ईवीएम खराब होने से लोग अपने घर बिना वोट डाले ही लौट रहे हैं। जिससे मत प्रतिशत प्रभावित होगा। वहीं भाजपा की ओर से भी ईवीएम पर सवाल खड़े किए गए हैं। ऐसा पहली बार है जब ईवीएम के खिलाफ विपक्षियों से अलावा भाजपा प्रत्याशी भी ईवीएम पर सवाल खड़ी कर ही है।
दरअसल, कैराना लोकसभा उपचुनाव में गठबंधन प्रत्याशी तबस्सुम हसन के ईवीएम पर आरोप लगाने के बाद भाजपा की प्रत्याशी मृगांका सिंह ने भी ईवीएम पर आरोप मढ़ दिया है। उनका कहना है कि ईवीएम की खराबी से वोट प्रतिशत काफी कम होने वाला है और उन्हें भी लगातार समर्थकों के फोन आ रहे हैं कि ईवीएम ब्रेकडाउन है। जिससे काफी दिक्कतें आ रही हैं और इसका नुकसान मतदान प्रतिशत पर पड़ेगा।
वहीं चुनाव के दोनों मुख्य प्रत्याशियों द्वारा ईवीएम खराबी पर सवाल उठाए जाने के बाद सहारनपुर जिलाधिकारी पीके पांडे और शामली जिलाअधिकारी इंद्र विक्रम ने कहा है कि ईवीएम में कोई गड़बड़ी नहीं है। गड़बड़ी ईवीएम के साथ अटैच वीवीपैट डिवाइस में आ रही है। वीवीपैट डिवाइस को ठीक करने के लिए इंजीनियर हैं और उन्हें तुरंत मौके पर भेजा जा रहा है ताकि ईवीएम की खराबी से मतदान प्रभावित ना हो।
गौरतलब है कि अधिकांश ईवीएम मशीनें सुबह के समय खराब हुई जब बूथों पर मतदाताओं की लंबी लाइन लगी हुई थी। कई बूथों पर 1 घंटे से अधिक समय तक भी ईवीएम के खराब रहने की शिकायतें हैं। वहीं कहा जा रहा है कि इसके चलते बहुत ले लोग अपने मत का प्रयोग किए बगैर ही वापस लौट गए।