पुलिस ने संसद एक राशन के साथ आए पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया इसके बाद सांसद एक राशन समर्थकों के साथ कोतवाली सदर बाजार धरना देकर बैठ गई
MP Iqra Hasan डीआईजी कार्यालय के बाहर गाड़ी पार्क करने और कथित रूप से जाम लगने के बाद हुए हंगामें ने दोपहर बाद तूल पकड़ लिया। इस मामले के बाद पुलिस टीम, सांसद इकरा हसन को सुरक्षा में महिला थाने ले गई थी। बाद में पुलिस ने सांसद को तो छोड़ दिया लेकिन उनके साथ आए पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके बाद गुसाईं सांसद समर्थकों के साथ कोतवाली सदर बाजार थाने में बैठ गई और साफ कह दिया कि या तो उन्हें भी छोड़ो या मुझे भी जेल भेज दो।
यह मामला मंगलवार सुबह शुरू हुआ जब इकरा हसन एक पीड़ित परिवार को लेकर सहारनपुर डीआईजी अभिषेक सिंह से मिलने के लिए पहुंची थी। सांसद का कहना है कि जिस महिला को वह साथ लेकर आई थी उस महिला के बेटे की हत्या हुई थी और इसी मामले में कार्यवाही की मांग को लेकर वह परिवार के साथ डीआईजी से मिलने के लिए आई थी। आरोप लगाया कि डीआईजी ने उस महिला का इतना सम्मान किया कि डीआईजी कार्यालय से महिला रोते हुए बाहर निकली। सांसद बोली कि जब महिला रोते हुए बाहर निकली तो हम बाहर एक दूसरी एप्लीकेशन लिखने लगे। इस दौरान हमारी गाड़ी डीआईजी कार्यालय के बाहर ही खड़ी हुई थी। इस पर पुलिसकर्मियों ने गाड़ी वहां से हटाने के लिए कहा और आरोप लगाया कि जाम लगा दिया है।
जबकि इकरा हसन का कहना है कि उनकी गाड़ी वाइट पट्टी के अंदर खड़ी हुई थी कोई जाम नहीं लगा था। इसके बाद भारी पुलिस बल आ गया और इकर हसन यानी सांसद को पुलिसकर्मी सुरक्षा में महिला थाने ले गए। वहां करीब दस मिनट तक उन्हें बैठाए रखा। जब उनके समर्थक पुलिस लाइन में जुटने लगे तो उन्हें छोड़ दिया गया। सांसद इकरा हसन का कहना है कि वह इस घटना के बाद सरसावा की ओर चली गई थी लेकिन रास्ते में उन्हें सूचना मिली कि जिन लोगों के साथ में वह डीआईजी कार्यालय पहुंची थी कश्यप समाज के उन पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें जेल भेज दिया है। इसके बाद इकरा हसन दोबारा अपने समर्थकों के साथ कोतवाली सदर बाजार पहुंची और साफ कह दिया कि या तो उन लोगों को भी छोड़ दो या मुझे भी 151 में ही जेल भेज दो। कोतवाली सदर बाजार में करीब एक घंटे तक इकरा हसन सांसद और पुलिस अफसरों के बीच वार्ता होती रही लेकिन यह वार्ता किसी नतीजे पर पहुंची।
वार्ता के बाद सांसद इकरा हसन समर्थकों के साथ थाना सदर बाजार प्रांगण में ही बैठ गई। उन्होंने साफ कह दिया कि अब हम तभी यहां से जाएंगे या तो हमें भी जेल भेज दिया जाए या फिर जो लोग हमारे साथ आए थे उन्हें छोड़ जाए।