
देवबंद. कोरोना वायरस के कारण देशभर में आज यानी रविवार को जनता कर्फ्यू लगा हुआ। इस कारण सड़कों, बाजारों, सार्वजनिक स्थानों के साथ ही आबादी वाले क्षेत्रों में भी सन्नाटा पसरा हुआ है, लेकिन शाहीन बाग के साथ ही देवबंद में भी सीएए, एनपीआर और एनआरसी के खिलाफ महिलाओं का धरना-प्रदर्शन जारी है। यहां भी दस महिलाएं तीन मीटर की दूरी बनाते हुए धरने पर डटी हुई हैं। उन्होंने साफ कहा था कि कोरोना से मरना मंजूर है, लेकिन जब तक सीएए खत्म नहीं होता उनका धरना जारी रहेगा। हालांकि कोरोना से बचने के लिए अब वह एक-दूसरे से दूर जरूर बैठ गई हैं। वहीं, धरना स्थल को छोड़ दें तो पूरे देवबंद सुनसान है।
बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में देशवासियों से रविवार को जनता कर्फ्यू लगाने की अपील की थी, जिसके बाद आज देशभर के लोग अपने घरों में कैद हो गए हैं, लेकिन देवबंद के ईदगाह मैदान में सीएए के विरोध में चल रहे धरना-प्रदर्शन पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है। कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों के बावजूद महिलाएं करीब दो माह से धरनारत हैं। हालांकि इस धरने के दौरान एहतियात के तौर पर महिलाओं ने एक-दूसरे से दूरी बना ली है। धरने पर बैठी महिलाओं का कहना है कि जब तक सीएए वापस नहीं लिया जाता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
वहीं, पूरे देवबंद की बात करें तो दारूल उलूम ने अपने छात्रों के बाहर निकलने पर रोक लगा दी है। इसके अलावा देवबंद की सड़कें पूरी तरह सुनसान नजर आ रही हैं। इसी तरह बाजार व अन्य सार्वजनिक स्थलों के साथ मोहल्लों में भी सन्नाटा पसरा हुआ है। सड़कों पर केवल कुछ पुलिसकर्मी ही ड्यूटी करने दिखाई दे रहे है। दारुल उलूम चौक बाजार भी पूर्णत: सूना है। यह पहली बार है, जो बाजार रात-दिन 19 घंटे खुला रहता था और लोगों की आवाजाही बनी रहती थी आज पहली बार बंद है।